शनिवार को एसडीएम आवास परिसर में जलभराव के बाद पानी से गुजरता सुरक्षा कर्मी। संवाद
अंबेडकरनगर। कई दिनों से सूखे की मार झेल रहे अंबेडकरनगर जिले के लोगों और किसानों को शनिवार को आखिरकार राहत मिली। सुबह करीब चार बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश करीब चार घंटे तक रुक-रुक कर जारी रही। इस बारिश ने जहां उमस और गर्मी से निजात दिलाई, वहीं खेतों में पानी पहुंचने से धान सहित खरीफ की फसलों को जीवनदान मिला। लंबे समय से हो रही नमी की कमी के चलते किसान चिंतित थे, ऐसे में इस बारिश को उन्होंने खेती के लिए वरदान बताया है।
अकबरपुर और जलालपुर क्षेत्रों में बारिश अपेक्षाकृत तेज रही, जबकि जिले के अन्य हिस्सों में भी रुक-रुक कर पानी बरसा। बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल को इस बारिश से विशेष लाभ हुआ है। जिन किसानों को अपनी धान की फसल में सिंचाई की आवश्यकता महसूस हो रही थी, उन्हें इस प्राकृतिक वर्षा से बड़ी राहत मिली है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से सिंचाई पर होने वाले खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है। बारिश थमने के बाद दोपहर में धूप निकलने से एक बार फिर उमस बढ़ गई। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालांकि, शहर के कई हिस्सों में बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। औलियापुर में तेज बारिश के कारण नाली टूट गई और पानी सड़क पर बहने लगा। टांडा मार्ग पर कृषि भवन के पास दुकानों के सामने भी पानी भर गया, जिससे दुकानदारों को काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी।
जलालपुर जलमग्न, एसडीएम आवास बना टापू
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। शनिवार को चार घंटे हुई तेज बारिश ने नगर पालिका की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। साहबतारा स्थित एसडीएम आवास परिसर और पुराने ब्लॉक भवन में पानी भर गया। नगर के कई वार्ड भी जलभराव की चपेट में रहे। बारिश के बाद नगर पालिका ने वाहनों के जरिये पानी निकालने का काम शुरू कराया। आवासीय कॉलोनी में रहने वाले लेखपालों को भी जलभराव से परेशानी हुई। नगर पालिका की ओर से हर साल नाला-नालियों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, इसके बावजूद जलभराव की समस्या बनी हुई है। अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि जलनिकासी के लिए कार्य कराया जा रहा है। संवाद