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Ambedkar Nagar News: बिजली विभाग गलत बिल सुधारे, 30 हजार हर्जाना दे

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अंबेडकरनगर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने आठ वर्ष पुराने बिजली बिल सुधार मामले का हल निकाला है। आयोग के अध्यक्ष दयाराम ने बिजली विभाग को बिल संशोधित करने का निर्देश दिया है। विभाग को उपभोक्ता को मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए हर्जाना भी देना होगा।
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नवीन गौतम के आठ किलोवाट कनेक्शन का मासिक बिल छह से सात हजार रुपये आता था। वे इसका नियमित रूप से भुगतान करते थे। 15 मई 2018 को उनका बिजली मीटर शॉर्ट सर्किट से जल गया। विभाग ने नया मीटर स्थापित कराया। इसके बाद जून और जुलाई 2018 का बिल एक लाख 17 हजार 282 रुपये आया। नवीन गौतम ने 23 अक्तूबर 2018 को शिकायत दर्ज कराई, पर बिल ठीक नहीं हुआ। इसके बाद विभाग ने दोबारा दो लाख 72 हजार 843 रुपये का बिल भेजा। अंततः बिल बढ़कर 11 लाख 23 हजार 100 रुपये हो गया। विभाग के चक्कर लगाने से तंग आकर, नवीन गौतम ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया।
आयोग का आदेश
आयोग ने बिजली विभाग को 11 लाख 23 हजार 100 रुपये का बिल संशोधित करने को कहा है। अब 49 माह के बकाया बिल प्रतिमाह 7019 रुपये की दर से तीन लाख 43 हजार 931 रुपये जमा कराने होंगे। इसके अतिरिक्त, विभाग को 30 हजार रुपये का हर्जाना भी देना होगा। यह हर्जाना मानसिक और आर्थिक क्षति के लिए है। शुक्रवार को अध्यक्ष ने उपभोक्ता के पक्ष में यह आदेश जारी किया।
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विभाग के दावे और साक्ष्य
कोर्ट में विभाग ने तर्क दिया कि नवीन गौतम के व्यावसायिक प्रतिष्ठान का कनेक्शन एक कॉमर्शियल पेट्रोल पंप का है। उन्होंने पुराने मीटर में 7578 यूनिट और नए मीटर में 3673 यूनिट खपत का बिल जारी किया। विभाग ने अप्रैल 2018 से 11 मई 2022 तक बिजली के भुगतान न होने का भी दावा किया। हालांकि, विभाग अपने दावों के समर्थन में आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। इसी कारण आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
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