अंबेडकरनगर। शिवसेना के पूर्व विधायक पवन पांडेय से जुड़े तीन चर्चित मामलों में बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें वर्ष 1999 के हंगामे के मामले में बहस पूरी हो गई है और 17 अगस्त को इसमें फैसला सुनाया जाएगा। वहीं, गैंगस्टर के मामले में आरोप बन गया है जबकि एससी-एसटी एक्ट के मामले में 11 अगस्त को बहस पूरी की जाएगी। फैसला आने तक पूर्व विधायक अंबेडकरनगर जेल में ही रहेंगे।
वर्ष 1999 में अकबरपुर बिजलीघर के सामने हुए बलवा प्रकरण में पूर्व विधायक पवन पांडेय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में बुधवार को अंतिम बहस पूरी की गई। बहस सुनने के बाद कोर्ट ने पत्रावली को आदेश में लगा दिया है और 17 अगस्त की तारीख नियत की है। वर्ष 2023 के एससी-एसटी एक्ट के मामले में बचाव पक्ष की ओर से सफाई साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। इस पर कोर्ट ने 11 अगस्त को बहस की तारीख तय की है। बहस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस मामले में भी फैसले की तारीख तय होने की उम्मीद है।
पिछली सुनवाई में एससी-एसटी एक्ट के मामले में अभियोजन पक्ष का गवाह उपस्थित न होने पर न्यायालय ने उसका अवसर समाप्त करते हुए पूर्व विधायक के बयान दर्ज किए थे। वहीं, गैंगस्टर एक्ट के वर्ष 2024 के मामले में पूर्व विधायक पर आरोप तय कर दिए गए हैं। अब इस प्रकरण में 29 अगस्त को अभियोजन की ओर से गवाही साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। न्यायालय ने पूर्व विधायक को जिला कारागार अंबेडकरनगर में ही निरुद्ध रखने का आदेश दिया है। पवन पांडेय जिला कारागार की हाई सिक्योरिटी बैरक में निरुद्ध हैं।