परीक्षा से ठीक पहले कोर्ट ने दी राहत
डोएन होम्योपैथी इंस्टीट्यूट से जुडा मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने होम्योपैथी डिप्लोमा कोर्स से जुड़े 64 युवाओं का चार वर्ष कॅरिअर चौपट होने से बचा लिया। हाईकोर्ट से एकल पीठ से निराशा मिलने के बाद अवकाश में बैठी डबल बेंच से मिली राहत पर छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों से लेकर प्रबंधन तक उत्साह का माहौल है। अभी सभी छात्र-छात्राएं यूपी होम्योपैथी मेडिसिन बोर्ड की रोक के बाद भी 27 अगस्त से शुरू हो रही परीक्षा में भाग ले सकेंगे।
मामला अकबरपुर नगर के डोएन इंस्टीट्यूट होम्योपैथी फार्मेसी संस्थान से जुड़ा है। इस संस्थान को वर्ष 2020 में होम्योपैथी बोर्ड ने दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स की मान्यता प्रदान की थी। प्रबंधक अभिनव त्रिपाठी के अनुसार उसी दौरान कोरोना संक्रमण शुरू होने पर लाॅकडाउन हो गया। बोर्ड का पोर्टल भी नहीं खुला, जिसकी वजह से मान्यता शुल्क समय से जमा नहीं हो सका। इसे बाद में जमा किए जाने के साथ ही विधिवत पढ़ाई आदि शुरू की गई। अब चार वर्ष बाद जब दो वर्षीय कोर्स के प्रथम वर्ष की परीक्षा 27 अगस्त से शुरू होने का समय नजदीक आ गया तो पांच दिन पहले बोर्ड की तरफ से मौखिक तौर पर बताया गया कि यहां पंजीकृत 64 छात्र-छात्राओं को परीक्षा में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
प्रबंधक अभिनव ने लखनऊ हाईकोर्ट की एकल पीठ में विशेष सुनवाई के तहत रिट फाइल की। कोर्ट के इस फैसले से यहां छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल उठे। छात्र सुधांशु पांडेय, राजेंद्र प्रसाद व छात्रा पूर्णिमा मिश्रा ने कहा कि कोर्ट के फैसले ने उन लोगों का भविष्य बर्बाद होने से बचा लिया है। प्रबंधक अभिनव त्रिपाठी ने कहा कि यह न्याय की जीत है।