सुरक्षित प्रसव कराये जाने के लिए सरकार द्वारा भले ही एम्बुलेंस सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण इसका लाभ प्रसव पीड़िताओं को नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते अपने संसाधनों से ही प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर जाने को विवश होना पड़ रहा है। एंबुलेंस कर्मी सूचना के बावजूद वाहन लेकर नहीं पहुंचते हैं।
इससे लोगों को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार सुबह रामनगर विकास खंड के घरवासपुर गांव निवासिनी अनीता पत्नी जगन्नाथ को प्रसव पीड़ा होने लगी। परिवारीजनों ने उसे स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस सेवा 102 व 108 नंबर पर फोन किया। बताया गया कि 15 से 20 मिनट के अंदर एंबुलेंस पहुंच रही है।
परिवार के लोग घंटों इंतजार करते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं आयी। अपराह्न दो बजे के करीब जब उसकी पीड़ा असहनीय हो गई तो परिवारीजन ठेले पर बिठाकर उसे रामनगर पीएचसी के लिए रवाना हुुए। हुसैनपुर बाजार के पास महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। एंबुलेंस की इस मनमानी की खबर जब अन्य लोगों को हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया।
क्षेत्र के रामजीत व महेंद्र यादव आदि ने स्वास्थ्य विभाग के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी जीआर चंद्रा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।