नगर के चिंतौरा में एक महिला व उसका दो साल का बेटा इलाज व भोजन के अभाव में कुपोषण का शिकार हो गए हैं। दोनों की हालत बहुत नाजुक थी। परिवार इतना गरीब है कि इसके आठ सदस्य अक्सर भूखे ही रहते हैं। खास बात ये है कि शासन की योजनाओं में से एक का भी लाभ इस परिवार को पात्र होने के बावजूद नहीं मिल रहा है।
बुधवार को मीडिया कर्मियों की टीम गांव पहुंची तो इस परिवार का हाल देखकर पूरी जानकारी एसडीएम को दी। एसडीएम ने तुरंत परिवार से मुलाकात करते हुए हुई मां और बेटे को जिला अस्पताल में भर्ती करवाने के साथ ही परिवार को अनाज उपलब्ध कराया। इसके साथ ही उन्होंने अन्य योजनाओं का लाभ दिलवाने की भी बात कही।
चिंतौरा गांव निवासी शंकर अपनी पत्नी विद्या व छह बच्चों के साथ एक छप्पर मेें काफी समय से रह रहा है। मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण वह कभी-कभी ही मजदूरी कर पाता है। तंगहाली के कारण उसका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। शासन द्वारा चलाई जा रहीं किसी भी योजना का लाभ परिवार को नहीं मिला है।
न तो आवासीय योजना का लाभ मिला है और न ही अनाज सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रता सूची में नाम ही डाला गया है। बुधवार को मीडिया कर्मियों की टीम जब गांव पहुंची, तो घर के सदस्यों की हालत देख दंग रह गई। विद्या और उसके बेटे की हालत बहुत नाजुक थी। विद्या ने बताया कि धनाभाव के कारण अक्सर परिवार को भूखे रहना पड़ता है। रुपये नहीं है तो इलाज भी नहीं करवा सकते।
कभी-कभी पड़ोसी मदद कर देते हैं। इसकी जानकारी एसडीएम पंकज को दी गई तो वे तुरंत सीओ सुधीर कुमार संग गांव पहुंचे। उन्होंने विद्या और उसके बेटे को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। जरूरी अनाज उपलब्ध करवाने के साथ ही कहा कि अब इस परिवार की जिम्मेदारी वे स्वयं लेते हैं। न सिर्फ आवासीय योजना का लाभ दिलाया जाएगा, बल्कि सस्ते दर पर अनाज भी दिलवाया जाएगा।
सीएमओ डॉ. गंगाराम चंद्रा ने बताया कि महिला की जांच करवाने के निर्देश दिए गए हैं। उसका बेहतर उपचार सभी परिस्थितियों में तय किया जाएगा। एसडीएम टांडा पंकज ने बताया कि महिला के परिवार के नाम से राशनकार्ड निर्गत है।
आर्थिक स्थिति काफी खराब है। सुनिश्चित किया जा रहा है कि परिवार को जरूरी योजनाओं का लाभ मिले। इस बारे में स्थानीय लेखपाल से भी रिपोर्ट तलब की जा रही है। महिला व बेटे को बेहतर उपचार सुनिश्चित कराया जाएगा।