जिले के ताड़ी विक्रेताओं ने जिलाधिकारी को इस आशय का शपथपत्र भी दिया था। जांच टीम ने उन पर कार्रवाई की संस्तुति की है। ज़ल्द की उनके खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज कराया जाएगा।
इसके ्लावा विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। मामले में जिला प्रशासन के सख्त तेवर के देखते हुए आबकारी अधिकारी चिकित्सकीय अवकाश पर चले गए हैं।
मालूम हो कि जिले के 58 ताड़ी विक्रेताओं ने लाइसेंस नवीनीकरण न होने के मुद्दे को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर डीएम से शिकायत की थी। इस पर डीएम ने अपने स्तर से पूछताछ की थी। इस दौरान 43 ताड़ी विक्रेताओं ने आबकारी अधिकारी पर वसूली का आरोप लगाया था।
यही नहीं उन्होंने इस बाबत का लिखित शपथ पत्र भी डीएम को सौंपा। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय के नेतृत्व में एसडीएम सदर व जिला विकास अधिकारी की तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी थी।
जांच शुरू होने से पहले जिला आबकारी अधिकारी ने अपने खिलाफ साजिश की आशंका जताई थी। इसके बाद वे चिकित्सकीय अवकाश पर चले गए। जांच टीम ने मामले में वीडियोग्राफी के बीच ताड़ी लाइसेंसधारकों का बयान दर्ज किए। इनमें ताड़ी विक्रेताओं ने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए रकम धन लिए जाने की बात कही।
जांच के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। इसमें टीम ने जिला आबकारी अधिकारी पर समुचित धाराओं में केस दर्ज कराने की संस्तुति की है। इसके साथ ही विभाग के राजस्व वृद्धि को प्रभावित करने तथा जिम्मेदारी का समुचित पालन न करने का आरोप लगाते हुए विभागीय कार्रवाई की जरूरत पर भी जोर दिया है।
जांच टीम की रिपोर्ट के बाद अब माना जा रहा है कि एक दो दिन में ही जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अकबरपुर कोतवाली में केस दर्ज हो जाएगा। जिलाधिकारी विवेक ने जांच रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की है। इस बाबत उनका कहना है कि जांच समिति की रिपोर्ट के अनुरूप ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।