पीड़ित का आरोप था कि उसने विभाग में हुए लूट खसोट की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी। इसके बाद से विभाग के अधिकारी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मालूम हो कि बीते दिनों आम आदमी पार्टी के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी बृजेश यादव ने अपने सहयोगियों के साथ जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर भूमि संरक्षण विभाग पर विकास कार्यों के नाम पर 10 करोड़ रुपए के घोटाला करने का आरोप लगाया था।
शिकायतकर्ताओं द्वारा दिए गए साक्ष्य को जिलाधिकारी विवेक ने गंभीरता से लिया और इसकी जांच सीडीओ डॉ मन्नान अख्तर को सौंप दी। जांच के दौरान ही मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब शिकायतकर्ता बृजेश यादव ने प्रदर्शन कर अपने जान माल की सुरक्षा की गुहार लगायी।
एसपी को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि वह जिस विभाग के अधिकारियों पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने गबन की शिकायत कर रहा है, उनके द्वारा उसे जान से मारने व फर्जी मुकदमे में फंसा देने की धमकी दी जा रही है।
इस पर एसपी पंकज के निर्देश पर अकबरपुर पुलिस ने बुधवार को मामले के आरोपी भूमि संरक्षण विभाग के अवर अभियंता जगन्नाथ गुप्त व अवर अभियंता ओपी सिंह के विरुद्घ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली। कोतवाली योगेश शाह ने बताया कि बृजेश यादव की तहरीर पर धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन की जा रही है।