जनपद के विकास का खाका खींचने वाला विकास भवन ही गंदगी की चपेट मेंं है। भवन के अंदर तो नियमित सफाई कराई जा रही, लेकिन परिसर के पीछे कूड़े का ढेर जमा है। यहां लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया शौचालय गंदगी की चपेट में है। ऐसे में यहां आने वाले किसान, ग्रामीण, महिलाओं व अन्य लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विकास भवन में दाखिल होने पर बेहतर सफाई नजर आती है। हालांकि परिसर के पिछले हिस्से में कूड़े का ढेर जमा है। यहां आम लोगों की सुविधा के लिए बने शौचालय में गंदगी पसरी पड़ी है। दीवारों पर जाले लगे हैं। दीवारों में सीलन आ गई है। यूरिनल व वॉशबेसिन की पाइप टूटी है। बसखारी निवासी दीपक वर्मा और अकबरपुर के लोरपुर निवासी ने बताया कि वे पेंशन बनवाने के लिए समाजकल्याण विभाग आए थे। शौचालय पहुंचे तो अंदर गंदगी देख फौरन वापस लौट आए। यहां आने वाले नागरिकों व किसानों को प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को उठानी पड़ती है।
झाड़ियों में तब्दील वृंदावन वाटिका
विकास भवन के पिछले हिस्से में बीते दिनों वृंदावन वाटिका की स्थापना हुई थी। इसमें विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे भी लगवाए गए। चंदन समेत अन्य पेड़ इस वाटिका में शामिल हैं। हालांकि देखरेख न होने से वाटिका झाड़ियों में तब्दील हो रही है। वाटिका में मछली पालन के लिए बने तालाब में गंदा पानी मच्छरों को बढ़ावा दे रहा है। पंचपल्लव वाटिका भी देखरेख के अभाव में अपनी सुंदरता खोती जा रही है। डीपीआरओ अवनीश श्रीवास्तव का कहना है कि सफाई तय कराई जाएगी।