घटना से अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बाउंड्रीवाल निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यदि निर्माण के समय ही शिकायत पर गंभीरता से ध्यान देकर आवश्यक कार्रवाई की गई होती, तो शायद घटना न होती।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को भी प्रतिदिन की तरह प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर ्नैपुरा में शिक्षण कार्य चल रहा था। सुबह करीब साढ़े बजे अचानक मुख्य गेट के निकट की बाउंड्रीवाल भरभराकर ढह गई। इससे उसके निकट खेल रहे दो छात्र प्रियांशु (4) व प्राची (7) उसकी चपेट में आ गए।
घटना से मौके पर हड़कंप मच गया। शिक्षकों के साथ ही आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े। दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। दोनों को गंभीर चोटें आई थीं। आनन फानन में दोनों बच्चों को सीएचसी टांडा में भर्ती कराया गया। उधर, घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
उनका कहना था कि वर्ष 2014 में बाउंड्रीवाल निर्माण के दौरान ही मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई थी। मगर न तो तत्कालीन प्रधानाध्यापक ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया और न ही संबंधित अधिकारियों ने।
इसी का नतीजा रहा कि घटिया निर्माण के चलते ही बाउंड्रीवाल ढह गई, जिससे दो बच्चे घायल हो गए। प्रभारी प्रधानाध्यापिका ज्योत्स्ना चक्रवर्ती ने बताया कि बाउंड्रीवाल ढहने से दो बच्चे घायल हुए हैं। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। बीएसए आरबी मौर्य ने बताया कि प्रकरण की जानकारी है।