अंबेडकरनगर। बेवाना क्षेत्र के सिसवां गांव में प्रमिला निषाद (50) का शव सोमवार शाम को पंखे के हुक से बंधे साड़ी के फंदे से लटकता मिला। महिला अपने पति व बच्चों को छोड़कर अपने से कम उम्र के विवाहित प्रेमी के साथ रहने लगी थी। प्रेमी ने महिला के खाते से रुपये न मिलने पर उसके जेवरात छीनकर घर से भगा दिया था। माना जा रहा है कि इसी अवसाद में महिला ने आत्महत्या कर ली है। मृतका के पति उमेश ने कथित प्रेमी पर आत्महत्या के उकसाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है प्रमिला निषाद के परिवार में पति उमेश निषाद के अलावा चार बच्चे भी हैं। इनमें बड़ी बेटी का विवाह भी हो चुका है। प्रमिला का गांव के ही मुकेश राणा (35) से प्रेम संबंध था। 24 जून की रात वह मुकेश के साथ घर से चली गई थी पर लौटकर नहीं आई थी। दोनों के मध्य करीब चार साल से नजदीकियां थीं। पति ने मुकेश पर पत्नी को गायब करने और कोर्ट मैरिज की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। तीन दिन बाद 27 जून को थाने पर प्रमिला और उमेश के बीच सुलहनामा हुआ। इसमें प्रमिला ने पति के साथ न रहकर मुकेश के साथ ही रहने की इच्छा जताई थी। सुलहनामे के दो दिन बाद ही मुकेश ने प्रमिला से जेवरात छीनकर उसकी पिटाई कर घर से निकाल दिया था। प्रेमी के उत्पीड़न से आजिज महिला वापस अपने पति के घर पर रहने लगी थी, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने उसे झकझोर दिया था। माना जा रहा है कि इसी के चलते उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना के समय घर पर उसकी बेटियां मौजूद थीं।
मृतका के पुत्र ने एसपी केशव कुमार से मिलकर पूरे प्रकरण की जानकारी दी, जिस पर एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रभारी थानाध्यक्ष रामबली सिंह यादव ने बताया कि आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
परिवार की खुशियां हुईं काफूर
प्रमिला निषाद की चार संतानें हैं। बड़ी बेटी निशा की शादी हो चुकी है और उसके दो बच्चे हैं। बेटा गोविंदा सूरत में नौकरी करता है। वहीं बेटी ईशु कक्षा 11 में और सबसे छोटी काजल कक्षा 5 में पढ़ती है। इस पूरे घटनाक्रम ने हंसते खेलते परिवार की खुशियां निगल ली हैं।
पांच लाख रुपये बने विवाद की जड़
सुलह के समय प्रमिला के खाते में बेटे के भेजे गए करीब पांच लाख रुपये थे। इस पर विवाद न हो, इसके लिए मुकेश ने प्रमिला के बेटे गोविंदा को 5.30 लाख और 39 हजार के दो चेक दिए थे। साथ ही यह शर्त भी थी कि अगर पांच जुलाई तक पैसे खाते में आ जाएं, तो गोविंदा चेक लौटा देगा। सुलहनामे में यह भी लिखा गया था कि आगे दोनों परिवार एक-दूसरे से कोई संबंध नहीं रखेंगे। माना जा रहा है कि रुपये न मिलने पर मुकेश ने महिला को प्रताड़ित कर घर से भगा दिया था।