कटेहरी (अंबेडकरनगर)। अहिरौली के चांदपुर महमदुपर गांव में किसान का शव बाग में पड़ा मिला। मृतक के गले में गमछा लिपटा हुआ था। शव मिलने की जानकारी लगते ही परिजन व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। परिवार के लोगों ने गमछे से गला कसकर हत्या की आशंका जताई है, लेकिन अभी तहरीर नहीं दी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
पिलखांवा गांव के रामभवन वर्मा (42) किसान थे। बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे बरवा बाजार सब्जी खरीदने रिश्तेदार राम सुरेश के साथ बाइक से गए थे। रात करीब नौ बजे घर वापस लौटना था। परिजनों के मुताबिक गांव से 200 मीटर पहले चांदपुर नहर की पुलिया पर दो लोगों ने उनकी बाइक रोक ली थी, जिसके बाद रामभवन वहीं रुक गए और अपने रिश्तेदार को घर भेज दिया था।
रामभवन की पत्नी ने पूछा तो रामसुरेश ने रास्ते में रुकने की बात कही थी। शुक्रवार की सुबह छह बजे महुआ बीनने गए ग्रामीणों ने चांदपुर बाग में रामभवन का शव पड़ा देखा। सूचना लगते ही प्रधान संतोष वर्मा समेत अन्य तमाम परिजन मौके पर आ गए। रामभवन के गले में उनका ही गमछा लिपटा हुआ था। इस पर परिवार के लोगों ने हत्या का आरोप लगाया। रामभवन की बाइक नहर की पुलिया पर मिली है।
सीओ भीटी लक्ष्मीकांत मिश्रा, थाना प्रभारी सुनील कुमार पांडेय ने घटनास्थल का जायजा लिया। घटनास्थल के आसपास जांच की और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने शव काे पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। मृतक के रिश्तेदार प्रधान ने बताया कि गला घोटकर हत्या की गई है। एएसपी विशाल पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
गांव में मातम, परिजनों में कोहराम
रामभवन की मौत की खबर सुनते ही गांव में मातम छा गया। पत्नी शीला बेसुध हो गई। मृतक के पिता जवाहर लाल वर्मा रेलवे से सेवानिवृत्त है। अपने दो बेटे शिव भुवन, त्रिभुवन के परिवार के साथ अहमदाबाद में रहते हैं। मृतक की बेटी महिमा वहीं रहकर बीटेक कर रही है। छोटी बहन मीनाक्षी और भाई विराट भी अहमदाबाद में पढ़ाई कर रहे हैं। रामभवन यहां खेतीबाड़ी संभालते थे। पत्नी शीला और पांच वर्षीय पुत्र वीर यहीं रहते हैं। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मौत की खबर लगते ही सभी परिजन अहमदाबाद से लखनऊ के लिए निकल चुके हैं।
तीन वर्ष पूर्व जहर देकर हत्या की हुई थी कोशिश
पत्नी शीला के मुताबिक उनके पति रामभवन वर्मा व उनके जीजा की तीन वर्ष पूर्व शराब में जहर मिलाकर हत्या करने की कोशिश की गई थी। लखनऊ में कई दिनों तक उनका इलाज चलने के बाद उनकी जान बच सकी। वहीं, अकबरपुर के सोनहरा निवासी उनके जीजा की मौत हो गई थी।