अंबेडकरनगर। सांसद रितेश पांडेय ने कहा है कि सर्वसमाज की राजनीति ही लोकतंत्र की मूल भावना है। किसी एक जाति व वर्ग की राजनीति या उस पर बात करने वाले व्यक्ति की सोच का दायरा बेहद छोटा और सीमित होता है। उन्होंने कहा कि बहन मायावती को गुमराह करने की कोशिश करने वालों की अब पोल खुल रही है तो उन्हें सच को स्वीकार करना चाहिए।
बसपा से निकाले गए पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने बीते दिन कटेहरी में कार्यकर्ताओं की मीटिंग के दौरान सांसद रितेश पांडेय पर निशाना साधा था। इसकी काफी चर्चा रही। इस बीच एक दिन बाद सांसद ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। शनिवार को उन्होंने कहा कि वे और उनके पिता पूर्व सांसद राकेश पांडेय कभी एक जाति या धर्म की राजनीति नहीं करते। पूर्व मंत्री को निशाने पर रखते हुए कहा कि बड़े ओहदे पर पहुंचे लोग जब किसी एक जाति के नाम पर राजनीति की बात करते हैं तो यह उनकी छोटी सोच दिखाती है।
सांसद ने कहा कि यह कहना कि रितेश को ब्राह्मणों का ही वोट नहीं मिलता, अत्यंत गलत है। मैं सबका सम्मान करता हूं। जो वोट देते उनका भी जो नहीं देते उनका भी। जिन्हें एक जाति की राजनीति करनी है उन्हें वह मुबारक हो। सांसद ने कहा कि पूर्व मंत्री ने बसपा की मिशन गायिका मालती राव को जिला पंचायत सदस्य का टिकट मिलने पर बहन मायावती से उन्हें लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। अब वे दूसरों पर महिलाओं को सम्मान न देने की बात कर रहे हैं। रितेश ने कहा कि मैंने सदैव सर्व समाज के हितों को प्राथमिकता दी है और देता रहूंगा। एक वर्ग की राजनीति करने के लिए मैंने उच्च शिक्षा नहीं हासिल की। राजनीति में कुछ अलग करने आया हूँ। जनता मेरा कामकाज पसंद कर रही है। यही मेरी पूंजी है।