भीटी (अंबेडकर नगर)। क्षेत्र के महापारा गांव में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को प्रवाचक पं. तुलसी राम शास्त्री ने वामन अवतार और श्री कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान थे। भादो मास की अष्टमी तिथि को कंस के कारागार में बंद देवकी ने उन्हें जन्म दिया। श्री कृष्ण के जन्म लेते ही कंस द्वारा उनके माता-पिता के हाथों में लगाई गई हथकड़ियां स्वतः खुल गईं।
कंस के वध से बचने के लिए वासुदेव श्री कृष्ण को लेकर गोकुल चले गए, जहां उन्होंने नंद बाबा के यहां श्री कृष्ण को छोड़कर वे अन्यत्र चले गए।
कथा के बाद श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। मुख्य यजमान अखिलेश मिश्रा ने आए हुए सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। आयोजक ने आगंतुकों का आभार जताया।