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हत्या के बाद शव के बगल बैठा रहा आरोपी पति

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केदारनगर (अंबेडकरनगर)। थाना क्षेत्र इब्राहिमपुर के देईपुर में पत्नी की हत्या के बाद आरोपी शव के बगल ही काफी देर तक बैठा रहा। इसका खुलासा अब ग्रामीणों ने किया है। पुलिस की छानबीन में यह भी सामने आया कि हत्या से पहले आरोपी ने पत्नी से खाना मांगा। जब वह रसोई में भोजन निकाल रही थी, तभी पीछे से पहुंचकर कुल्हाड़ी के प्रहार से हत्या कर डाली। इससे पहले उसने घर की बिजली काट दी थी।
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देईपुर गांव में शुक्रवार रात मां दुर्गा के गीतों पर झूम रहे नागरिकों में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को पता चला कि गांव निवासी अमृतलाल ने अपनी पत्नी चित्रा की धारदार हथियार से हत्या कर दी है। बताया जाता है कि देरशाम अमृतलाल का 15 वर्षीय पुत्र आशीष व सात वर्षीय पुत्री आस्था घर के बगल में दुर्गा पंडाल पर गयी थी।
अमृतलाल ने घर में अंधेरा करने के बाद अपनी 11 वर्षीय पुत्री आरुषि को गांव स्थित दुकान से मोमबत्ती लेने के लिए भेज दिया। घर में केवल पति-पत्नी रह गए। इस पर अमृतलाल ने खाना निकालने को कहा। चित्रा जैसे ही रसोई में खाना निकालने के लिए पहुंची, तभी पीछे से आए अमृतलाल ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी। इसके बाद वह कुल्हाड़ी लेकर शव के बगल में ही बैठ गया।
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इस बीच आशीष घर पहुंचा तो वह चीख पड़ा। आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। वहां का नजारा देख हर कोई सन्न रह गया। पूजा पंडाल में बज रहे गीत-संगीत बंद कर दिए गए। जानकारी होते ही इब्राहिमपुर थानाध्यक्ष सुनील पांडेय दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गए। शव को कब्जे में लेने के साथ ही आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। देररात एसपी अजीत कुमार सिन्हा ने घटना के बारे में जानकारी ली। महिला के पिता अलीगंज थाना क्षेत्र के फरीदपुर निवासी रामउजागिर वर्मा ने तहरीर देकर अमृतलाल के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कराया है।
बताया जाता है कि अमृतलाल के अत्यधिक नशा करने के चलते पत्नी चित्रा के बीच उसकी लंबे समय से अनबन चल रही थी। आए दिन दोनों के बीच विवाद भी होता रहता था। चित्रा एक निजी स्कूल में पढ़ाती थी। इसका अमृतलाल विरोध कर रहा था। विरोध के चलते उसने कुछ दिन के लिए स्कूल भी छोड़ दिया था लेकिन करीब एक माह पहले ही वह एक बार फिर स्कूल जाने लगी थी।
अमृतलाल ने चित्रा को मौत की नींद सुलाने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी की थी। बताया जाता है कि उसने घर में अंधेरा करने के लिए पहले घर की लाइट काट दी। आसपास के घरों में बिजली थी, सिर्फ उसके घर ही अंधेरा छाया था। पुत्र व छोटी बेटी के पूजा पंडाल पर जाने के बाद उसने बड़ी बेटी को मोमबत्ती खरीदने के लिए दुकान पर भेज दिया। इसके बाद घर में पड़ी एक मोमबत्ती को जलाकर पत्नी को भोजन लाने को कहा। इसी के बाद उसने घटना को अंजाम दे दिया।
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