इसके साथ कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में मौके पर पहुचे पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
जानकारी के मुताबिक भरथीपुर गांव में मौजूदा समय में तालाब की खुदाई का कार्य चल रहा है। खुदाई कार्य में लगे अधिकांश मजदूर तो कार्य समाप्त होने के बाद शाम को घर चले जाते हैं, लेकिन दो मजदूर राजेंद्र व हरीश वहीं सोते हैं। बताया जाता है कि रोज की तरह सोमवार रात भी दोनों मजदूर तालाब के किनारे सोए हुए थे।
देर रात कुछ लोग वहां पहुंचे और दोनों की जमकर लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। शोर मचाने पर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचते, हमलावर भाग गए। मंगलवार सुबह दोनों मजदूर कुछ ग्रामीणों के साथ केस दर्ज कराने के लिए थाने गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें डांटकर भगा दिया। इससे ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नाराजगी व्याप्त हो गई।
पुलिस के रवैये से नाराज ग्रामीण बुधवार को मजदूरों को लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट के निकट अकबरपुर टांडा मार्ग जाम कर दिया। कहा कि पुलिस प्रशासन पीड़ितों को न्याय दिलाने की बजाए, उल्टा उन्हीं का उत्पीडन कर रहा है।
मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी तय की जाए। जाम की सूचना मिलते ही अकबरपुर कोतवाल योगेश शाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले में आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद मार्ग जाम समाप्त हो सका।
इस दौरान बमबहादुर, रमेश कुमार, बृजनंदन, रामनिहोर, शशिकला, रजवंती देवी, मुकेश आदि मौजूद रहे। उधर अपर पुलिस अधीक्षक पंकज पाण्डेय ने बताया कि मामले में बेवाना पुलिस को समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।