नकल विहीन परीक्षा कराने को तैनात किए गए 54 पर्यवेक्षक न सिर्फ लगातार परीक्षा पर कड़ी नजर रखे हुए थे, बल्कि सभी पांच सचल दल भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा का जायजा ले रहे थे। परीक्षा शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन निपटे, इसे लेकर डीएम ने स्वयं न सिर्फ कई केंद्रों का जायजा लिया, बल्कि अन्य परीक्षा केंद्रों पर तैनात अफसरों को जरूरी दिशा निर्देश भी देते रहे।
दो पालियों में होने वाली परीक्षा में कुल 16 हजार 902 परीक्षार्थियों को भाग लेना था, लेकिन 1236 ने परीक्षा नहीं दी। इस प्रकार कुल 15 हजार 666 परीक्षार्थियों ने टीईटी परीक्षा दी। गौरतलब है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा सकुशल निपटाने को न सिर्फ 54 पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई थी, बल्कि जिलास्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में पांच सचल दल भी गठित था।
दो पालियों में होने वाली परीक्षा में कुल 16 हजार 902 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। इसमें उच्च प्राथमिक के विद्यालय के 12 हजार 970 व प्राथमिक विद्यालय के 3 हजार 932 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। प्रथम पाली में परीक्षा सुबह 10 बजे से प्रारंभ होनी थी, सुबह नौ बजे से ही परीक्षा संबंधित परीक्षा केंद्रों पर एकत्र होने लगे। निर्धारित समय से आधा घंटा पूर्व परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में सघन छानबीन के बाद अंदर प्रवेश कराना शुरू किया गया।
मोबाइल, डिजिटल घड़ी सहित अन्य सामानों को गेट पर ही रखवा दिया जा रहा था। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए तैनात किए गए पर्यवेक्षक एक तरफ जहां संबंधित परीक्षा केंद्रों पर पहले से ही परीक्षा पर कड़ी नजर रखे हुए थे, वहीं जिला प्रशासन द्वारा जिलास्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में गठित सचल दल की टीम भी एक परीक्षा केंद्र से दूसरे केंद्र पर पहुंचकर जायजा ले रही थी।
परीक्षा को शांतिपूर्वक एवं नकलविहीन निपटाने की कमान डीएम विवेक ने स्वयं संभाल रखी थी। उन्होंने न सिर्फ स्वयं कुछ केंद्रों पर पहुंचकर परीक्षा का जायजा लिया, बल्कि अन्य केंद्रों पर तैनात अधिकारियों से भी लगातार संपर्क कर दिशा निर्देश देते रहे। प्रथम पाली में सकुशल परीक्षा निपटने के बाद ढाई बजे से शुरू हुई दूसरी पाली में भी प्रशासन ने कोई ढिलाई नहीं बरती।
डीआईओएस डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि दोनों पालियों में शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा हुई। कहीं से कोई शिकायत नहीं आई। नकलविहीन परीक्षा निपटाने के लिए सचल दल की सभी पांच टीम लगातार परीक्षा केंद्रों का जायजा लेती रही। दोनों पालियों में कुल 16 हजार 902 परीक्षार्थियों को भाग लेना था, लेकिन 1236 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। 15 हजार 666 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।