सहायक अध्यापक पद पर समायोजन को लेकर टीईटी संघर्ष मोर्चा ने रविवार को कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया। कहा गया कि शासन की उपेक्षा के बावजूद उनका हौसला कम होने वाला नहीं है। वे तब तक संघर्ष करते रहेंगे, जब तक कि सभी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का समायोजन नहीं हो जाता।
धरने की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष आनंद रमन ने प्रदेश सरकार पर टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व में किए गए वादे से अब मुकर रही है। बीते विधानसभा चुनाव में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बढ़-चढ़कर वादा किया था कि सभी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का समायोजन सहायक अध्यापक पद पर कर दिया जाएगा। प्रदेश में सपा की सरकार बनी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री भी बन गए। अब जबकि लगभग चार वर्ष सरकार को पूरे होने को है, लेकिन अभी भी सभी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का समायोजन सहायक अध्यापक पद पर नहीं हो सका है। औपचारिकता पूरी करने के लिए कुछ अभ्यर्थियों की तैनाती तो बीते दिनों कर दी गई, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में शेष रह गए हैं।
समायोजन को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। प्रत्येक बार सिर्फ झूठा आश्वासन ही दिया जा रहा है। चेतावनी दी गई कि चाहे जितनी उपेक्षा की जाए, लेकिन वे अपने हक को हासिल करके ही रहेंगे। जब तक सभी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की तैनाती नहीं हो जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान विष्णु कुमार, घनश्याम, लालबहादुर, आज्ञाराम, सुबोध, बृजभूषण, दिवाकर मौजूद रहे।