जिले की 153 आशा बहुओं पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि छह माह से ये संबंधित सीएचसी व पीएचसी पर ड्यूटी करने पहुंची ही नहीं हैं। इस पर उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो उन्हें बर्खास्त करने के साथ ही उनके स्थान पर नया चयन किया जाएगा।
गौरतलब है कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का समुचित लाभ पात्रों को पहुंचाने के लिए सभी सीएचसी व पीएचसी पर आशा बहुओं की भी तैनाती की गई है। इनका मुख्य कार्य गर्भवती व नवजात का टीकाकरण करने के साथ-साथ ही सुरक्षित प्रसव कराने के लिए उनकी देखभाल व आवश्यक परामर्श दिए जाने की भी जिम्मेदारी है।
जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी में कुल दो हजार 372 आशा बहुओं की तैनाती की गई है। यह अलग बात है कि सभी आशा बहुएं अपनी जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन नहीं कर रही हैं। 153 आशा बहुएं ऐसी हैं जो छह माह से संबंधित सीएचसी व पीएचसी पर ड्यूटी नहीं कर रही हैं। न तो टीकाकरण कराया और न ही किसी अन्य गतिविधि में भाग लिया।
ऐसी आशा बहुओं को बीते दिनों भी नोटिस जारी किया गया था लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। इस बीच गत दिवस डीएम विवेक की अध्यक्षता में स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने संबंधित सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को निर्देशित कर कहा था कि ऐसी सभी आशा बहुओं को एक बार फिर से नोटिस जारी किया जाए।
यदि इस बार कोई जवाब नहीं आता है या फिर संतोषजनक जवाब नहीं होता है तो आवश्यक कार्रवाई तय की जाए। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नोटिस मिलने के बाद से आशा बहुओं में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब उन पर सेवा समाप्ति की तलवार लटकने लगी है। गौरतलब है कि आशा बहुओं का चयन स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी तय करने के उद्देश्य से किया गया।
यह बात अलग है कि समय समय पर आशा बहुओं की लापरवाही सामने आती रहती है। अब इसे लेकर विभाग द्वारा सख्त रवैया अपनाए जाने से ही आशा बहुओं के बीच हड़कंप का माहौल बना हुआ है। सीएमओ जीआर चंद्रा ने बताया कि काम न करने वाली आशा बहुओं पर सख्ती शुरू की गई है।
उनको भेजे गए नोटिस का जवाब संतोषजनक न रहा तो उन्हें सेवा से पृथक किया जाएगा। जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अजय कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश के बाद सभी 153 आशा बहुओं को नोटिस जारी किया गया है। यदि समुचित जवाब नहीं दिया गया तो उनके स्थान पर नई तैनाती की जाएगी।