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Ambedkar Nagar News: सरयू नदी में नहाने गए किशोर की डूबकर मौत

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सागर (फाइल फोटो)
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जहांगीरगंज। जहांगीरगंज से सटे संतकबीरनगर जिले के बिड़हरघाट पर रविवार को दोस्तों के साथ नहाने गया किशोर सरयू नदी में डूब गया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला जा सका। हादसे के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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जहांगीरगंज के धंसूरपुर निवासी महादेव के मुताबिक उनका बेटा सागर (15) स्मैशी पब्लिक स्कूल बकड़ापुर में कक्षा आठ में पढ़ता था। रविवार को शंकरपुर अकेलवाबीर निवासी ॠषभ यादव (17) और इटहुआ सुंदरपुर निवासी संजीत (15) के साथ बिड़हरघाट पर नहाने गया था। दोस्तों के कहने पर बिड़हरघाट पुल पार कर नदी के दूसरे छोर पर संतकबीरनगर के सरयू तट पर पहुंचा। तीनों दोस्त नदी में नहाने के लिए उतरे। सुबह करीब 9:30 बजे सागर अचानक गहरे पानी में चले गया और डूबने लगा। दोस्तों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन सफल न हो सके। देखते ही देखते सागर गहरे पानी में समा गया।
किशोरों की चीख पुकार सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी। कुछ देर बाद ही संतकबीरनगर के घनघटा चौकी प्रभारी अवधेश तिवारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की बुलाकर नदी में सर्च अभियान शुरू कराया। दो घंटे की तलाश के बाद कुछ पता न चलने पर एसडीआरएफ को बुलाया गया।
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दोपहर करीब 2:40 बजे एसडीआरएफ टीम ने घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर सागर के शव को ढूढ़ निकाला। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग घाट पर डटे रहे। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम ने नदी के अंदर से किशोर के शव को ढूढ़ निकाला है। संतकबीर नगर पुलिस की ओर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
बेटे का शव देख फूट-फूटकर रोईं मां
मां सुमन की आंखें सरयू नदी के तट पर अपने बेटे सागर को तलाश रही थीं। हर गुजरते पल के साथ मन में यही उम्मीद थी कि शायद उसका बेटा सुरक्षित बाहर निकल आए। आसपास मौजूद लोगों की हलचल और नदी में चल रही तलाश के बीच वह बेटे की सलामती की आस लगाए बैठी रहीं। लेकिन दोपहर करीब 2:40 बजे जब एसडीआरएफ की टीम सागर का शव लेकर बाहर आई तो उसकी दुनिया उजड़ गई। बेटे को देखते ही मां की चीख निकल पड़ी और वह फूट-फूटकर रोने लगी। सागर की बहन काजल (17) और छोटे भाई निखिल (12) का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
सरयू के घाटों पर नहीं हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
अंबेडकरनगर और इससे सटे पड़ोसी जनपदों में में आए दिन सरयू नदी के घाटों पर हादसे होते रहते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और गोताखोरों की नियमित रूप से उपस्थिति नहीं है। ऐसे में समय रहते मदद नहीं मिल पाती और लोग मौत के मुंह में समा जाते हैं। इतना ही नहीं सरयू में तमाम डूबे लोगों को तो सुराग भी नहीं लग पाता है। बिड़हर घाट पर हुए हादसे के बाद एसडीआरएफ को पहुंचने में दो घंटे लग गए। स्थानीय गोताखोर भी समय पर मौजूद नहीं थे।
इनका नहीं लगा सुराग
आलापुर के चहोड़ाघाट पर 26 अगस्त 2026 को बहिगवां जोगीपुर निवासी जया पांडेय सरयू नदी में डूब गई थीं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जया की छोटी बहन शुभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, लेकिन जया सरयू नदी में समा गई थीं। तीन दिनों तक चले सर्च अभियान के बाद भी कुछ पता नहीं चल सका। आज भी परिजन शव जया के न मिलने से परेशान हैं। चहोड़ाघाट पर 13 सितंबर को नहाने के दौरान आजमगढ़ निवासी रविंद्र यादव नदी में डूब गए थे। आज तक इनका भी कोई सुराग नहीं लगा है।
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