यूपी के अंबेडकरनगर में अकबरपुर के दहीरपुर गांव में डीएम आवास के सामने आदर्श अमृत सरोवर में भैंस नहलाने के दौरान रूही गहरे पानी में चली गई। उसे बचाने के लिए तालाब में कूदी दो महिलाएं भी डूब गईं। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन रूही की मौत हो गई। उसे करीब 30 मिनट बाद बाहर निकाला जा सका। दोनों महिलाओं को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अकबरपुर के सैदापुर निवासी जितेंद्र कुमार के मुताबिक, उनकी बेटी रूही (12) कक्षा चार में पढ़ती थी। स्कूल में गर्मी की छुट्टी होने के बाद शनिवार की सुबह वह भैंस चराने गई थी। सुबह 09.00 बजे के करीब दहीरपुर तालाब के निकट थी। उनके साथ गांव की सुनरा देवी (48) और सिताबा देवी (50) भी भैंस लेकर गई थीं। लगभग 10 बजे रूही अपनी भैंस को नहलाने के लिए तालाब में ले गई।
तीनों गहरे पानी में फंस गईं और डूबने लगीं
तालाब में उतरते ही भैंस गहरे पानी में चली गई। उसके पीछे आ रही रूही पानी गहरा होने के कारण डूबने लगीं। यह नजारा देखकर तालाब के पास खड़ी गांव की दो महिलाएं सुनरा देवी व सिताबा उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ीं। दुर्भाग्यवश तीनों ही गहरे पानी में फंस गईं और डूबने लगीं।
सूचना मिलते ही सुनरा देवी के बेटे सुनील और अन्य ग्रामीणों ने तुरंत तालाब में छलांग लगा दी। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद सुनरा देवी और सिताबा देवी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद रूही को तालाब से बाहर निकाला जा सका। लेकिन, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसी बीच अपने आवास से निकलकर कार्यालय जा रहीं डीएम ईशा प्रिया भी मौके पर रुक गईं।
आपदा राहत कोष से मदद मुहैया कराई जाएगी
उन्होंने पुलिस से दोनों महिलाओं को इलाज के लिए पड़ोस के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। वहां हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। साथ ही एसडीएम को फोन कर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए। जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रतीक्षा सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से मदद मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए राजस्व टीम को कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
माता-पिता व भाई बहनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतका रूही की मौत के बाद से माता-पिता व भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जितेंद्र के परिवार में पत्नी रंजनी देवी के अलावा पुत्री रिया, श्रेजल, आरोही और सबसे छोटा बेटा समर्थ हैं। जितेंद्र मजदूरी और पशुपालन कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।
तालाब के पास नहीं कोई सुरक्षा घेरा
नगर पालिका, अकबरपुर द्वारा लगभग एक करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2025 में निर्मित कराए गए दहीरपुर तालाब में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण, यहां दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। डीएम आवास के ठीक सामने टांडा-अकबरपुर मुख्य मार्ग पर स्थित इस तालाब में भरपूर पानी है और गहराई भी काफी है।
यही कारण है कि गर्मी से राहत पाने के लिए दूर-दूर से लोग यहां स्नान करने आते हैं। तालाब के चारों ओर पूर्व में लगाए गए तार गायब हो चुके हैं। किसी भी प्रकार के सुरक्षा घेरे या बैरिकेडिंग की व्यवस्था न होने से यह स्थान खतरनाक साबित हो रहा है। इस हादसे के बाद तालाब के आसपास पुलिस कर्मियों की तैनाती कर नहाने पर रोक लगा दी गई है।