कहा कि उन लोगों द्वारा सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना को सफल बनाने का कार्य किया जाता है, लेकिन मानदेय सफाईकर्मचारियों से भी कम है। तकनीकी सहायकों ने सरकार से ऐसा भेदभाव दूर करने की मांग की है।
कहा कि सरकार तकनीकी सहायकों को जो मानदेय देती है, उससे घर का खर्च चल पाना भी मुश्किल है। गत दिवस मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में तकनीकी सहायकों ने अपना दर्द बयां किया है।
मनरेगा तकनीकी सहायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपनी व्यथा सुनाई है। कहा कि कहने के लिए वह लोग कनिष्ठ अभियंताओं की श्रेणी में आते हैं, लेकिन उन्हें मानदेय एक सफाई कर्मचारी जितना भी नहीं मिल रहा है।
इस विसंगति को दूर करने के लिए कई बार पत्राचार व धरना प्रदर्शन किया गया, लेकिन न तो विभाग गंभीर हो रहा है, और न ही शासन। ऐसे में तकनीकी सहायकों को मुफलिसी में जिंदगी गुजारनी पड़ रही है।
शिक्षामित्रों की तरह तकनीकी सहायकों के उद्धार की मांग की है। पत्र में सत्यप्रकाश तिवारी, रामप्रकाश श्रीवास्तव, सियाराम पाण्डेय, श्यामनरायण तिवारी, कमर आदि के हस्ताक्षर हैं।