अंबेडकरनगर। बगैर मान्यता के संचालित विद्यालयों पर डीआईओएस कार्यालय ने शिकंजा कसना प्रारंभ कर दिया है। सभी विकास खंड क्षेत्र के लिए नामित नोडल अधिकारियों को डीआईओएस ने सघन अभियान चलाने व 19 अप्रैल तक आख्या प्रस्तुत किए जाने का निर्देश दिया है।
नया शिक्षासत्र प्रारंभ होने के साथ ही बगैर मान्यता के संचालित विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए डीआईओएस कार्यालय अलर्ट मोड में आ गया है। छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए डीआईओएस गिरीश कुमार सिंह ने बीते दिनों ही सभी नौ विकास खंड क्षेत्र के नोडल अधिकारी नामित किए थे। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार विकास खंड क्षेत्र कटेहरी के लिए प्रधानाचार्या बेवाना नीलम यादव, अकबरपुर के लिए प्रधानाचार्या कुर्कीबाजार सुमित्रा देवी, टांडा के लिए प्रधानाध्यापिका फरीदपुर कुतुब तारा वर्मा, जलालपुर के लिए प्रधानाध्यापिका बसिया तकदीस फातिमा, भियांव के लिए प्रधानाध्यापिका रतना मीरा वर्मा, जहांगीरगंज के लिए प्रधानाचार्या तेंदुआईकला विद्यावती, रामनगर के लिए प्रधानाचार्या आलापुर अनुपमा उपाध्याय, बसखारी के लिए प्रधानाध्यापक लखनपुर डॉ. चंद्रकेश यादव व भीटी के लिए प्रधानाचार्या भीटी रंजना वर्मा को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
डीआईओएस ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित ऐसे विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण करें। मुख्य भवन के साथ ही शिक्षण कक्ष का न सिर्फ फोटो लें बल्कि वीडियो भी बनाएं। यह भी देखेें कि कक्षा पांच या फिर आठ तक की मान्यता लेकर इंटरमीडिएट स्तर तक कक्षाओं का संचालन तो नहीं हो रहा। जारी निर्देश में कहा कि 19 अप्रैल तक निरीक्षण की पूरी आख्या डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।