रविवार को जलालपुर तहसील में नोटरी बनने के लिए बैठे शिक्षक। संवाद
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। बेसिक शिक्षा विभाग में कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज का सत्यापन कराया जाएगा। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बीएसए ने बीईओ को शिक्षकों के नियुक्ति पत्र और शैक्षिक प्रमाणपत्र एकत्र करने के निर्देश दिए गए हैं। इन दस्तावेज की जांच विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की ओर से की जाएगी।
मामले में चार नवंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इसके तहत सभी शिक्षकों को अपना नियुक्ति पत्र, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, बीटीसी, डीएलएड, बीएलएड और टीईटी व सीटीईटी सहित नियुक्ति के समय निर्धारित अन्य शैक्षिक योग्यताओं के प्रमाणपत्रों की बीएसए कार्यालय में जमा करना होगा। इसके लिए शिक्षकों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके साथ ही शिक्षकों को नोटरी से सत्यापित शपथपत्र भी देना होगा।
नोटरी के लिए रविवार सुबह से ही तहसील में शिक्षकों की भीड़ रही। दस्तावेज में शिक्षा विभाग में बीएसए या उससे उच्च पद पर कार्यरत व सेवानिवृत्त रहे अपने निकट संबंधियों का विवरण देना होगा। ऐसे संबंधी न होने की स्थिति में उसका शपथपत्र देना अनिवार्य किया गया है। दस्तावेजों के आधार पर बीएसए कार्यालय, ब्लॉक, विद्यालय, शिक्षक का नाम, नियुक्ति तिथि, शैक्षिक योग्यता, नियुक्ति के समय निर्धारित न्यूनतम अर्हता और चयन में प्राप्त मेरिट सहित अन्य विवरणों की शीट तैयार की जाएगी।
इसके बाद सभी अभिलेख एसटीएफ के संबंधित रेंज कार्यालय को भेजे जाएंगे। वहीं पूर्व शिक्षा संघ अध्यक्ष अनूप कुमार यादव ने इस प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के समय ही सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं। इसके बावजूद शिक्षकों से दोबारा दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। रविवार को परिवार के साथ समय बिताने के बजाय शिक्षक सुबह से ही तहसील और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।