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फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहा शिक्षक बर्खास्त

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आलापुर। फर्जी कागजातों के आधार पर परिषदीय विद्यालय में नौकरी करने का एक और मामला सामने आया है। प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर मंझरिया में तैनात प्रधानाध्यापक को विभाग ने फर्जी कागजातों के आधार पर नौकरी करने के लिए बर्खास्त कर दिया है।
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मामला रामनगर शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर मंझरिया से जुड़े प्रधानाध्यापक कौशल किशोर त्रिपाठी से जुड़ा है। बीते दिनों विभाग से हुई शिकायत में कहा गया कि कौशल किशोर की जो नियुक्ति हुई है, उसमें हाईस्कूल का फर्जी अंक पत्र लगाया गया है। इस पर विभाग ने जांच शुरू कर दी। खंड शिक्षाधिकारी रामनगर ने बताया कि कौशल किशोर ने उत्तर मध्यमा का जो अंक पत्र व प्रमाणपत्र लगाया है, उसका सत्यापन संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से कराया गया। वह कूटरचित पाया गया।
जांच में पाया गया कि कौशल किशोर ने उत्तर मध्यमा के लिए जिस अनुक्रमांक का जिक्र किया गया है, उस पर किसी अन्य छात्र की प्रविष्टि अंकित है। कौशल किशोर की विभाग में नियुक्ति वर्ष 1991 में की गई थी। तब से वह बतौर परिषदीय शिक्षक काम करता और वेतन लेता चला आ रहा। खंड शिक्षाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए एके सिंह ने प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से बेसिक शिक्षा की सेवा से बर्खास्त कर दिया। आदेश में कहा गया कि सहायक पद पर हुई नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जा रहा है। नियुक्ति पत्र को निरस्त करते हुए सेवा को नियुक्ति तिथि से ही निरस्त कर दिया गया है।
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उधर खंड शिक्षा अधिकारी रामनगर ने बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक को 25 जनवरी को पत्र भेजकर कौशल किशोर के वेतन खाते पर रोक लगाने को कहा है। इसमें कहा गया है कि उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है। ऐसे में धन का आहरण कतई न होने पाए। इस बीच बेसिक शिक्षा विभाग ने फर्जी रिकार्ड के आधार पर बने शिक्षक से वेतन खाते की पूरी धनराशि वसूल करने की तैैयारी शुरू कर दी है।
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