अंबेडकरनगर। पूर्वांचल की औद्योगिक नगरी टांडा को जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एमएसएमई ऑडिटोरियम की सौगात मिलने वाली है। दो हजार लोगों की बैठक क्षमता वाले इस ऑडिटोरियम का निर्माण होते ही व्यापार, उद्योग और सांस्कृतिक आयोजनों को एक ही मंच पर बेहतर सुविधा मिल सकेगी। इससे क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा।
विधान परिषद सदस्य डॉ. हरिओम पांडेय ने बीते माह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर टांडा में एमएसएमई ऑडिटोरियम की आवश्यकता पर चर्चा की थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट अनुकूल पाई गई तो इस परियोजना को शीघ्र स्वीकृति मिल सकती है।
टांडा वस्त्र उद्योग, पावरलूम और विभिन्न लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का केंद्र रहा है। लंबे समय से यहां के उद्यमियों और व्यापारिक संस्थाओं द्वारा एक ऐसे मंच की मांग की जा रही थी, जहां व्यापारिक प्रदर्शनियों, निवेशक सम्मेलनों व सेमिनारों का आयोजन भव्य और व्यवस्थित रूप से किया जा सके। प्रस्तावित ऑडिटोरियम इस दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जिससे टांडा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है।
शैक्षणिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
यह ऑडिटोरियम केवल उद्योग और व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। इसका उपयोग सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक आयोजनों के लिए भी किया जाएगा। वर्तमान में जिले में इस स्तर की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते बड़े कार्यक्रमों के आयोजन में अक्सर समस्याएं आती हैं। दो हजार सीटों वाला यह ऑडिटोरियम जिले का सबसे बड़ा इनडोर मंच होगा, जहां कार्यशालाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रदर्शनियां और संगोष्ठियां सुचारु रूप से आयोजित की जा सकेंगी।
पूर्वांचल की औद्योगिक धुरी है टांडा
एमएलसी डॉ. पांडेय ने कहा कि टांडा पूर्वांचल की औद्योगिक धुरी है और प्रस्तावित ऑडिटोरियम न केवल उद्योग जगत को नई दिशा देगा, बल्कि जिले की सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नई पहचान दिलाएगा।
— डॉ. हरिओम पांडेय, एमएलसी