टांडा। आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लमीन की ओर से प्रदर्शन कार्यक्रम स्थगित किए जाने के बावजूद शुक्रवार को टांडा नगर पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। संभावित प्रदर्शन स्थल से लेकर नगर के विभिन्न तिराहे, चौराहों व अन्य स्थानों पर पुलिस व पीएसी के जवान नजर आए। शांति व्यवस्था में किसी प्रकार की खलन न हो, इसके चलते एएसपी संजय कुमार राय भी टांडा कोतवाली में घंटों कैंप किए रहे।
बीते दिनों नरसिम्हा नंद सरस्वती की ओर से पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के विरुद्ध टिप्पणी की गई थी। इस मामले में आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लमीन के पदाधिकारी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पार्टी के प्रदेश सचिव इरफान पठान ने मामले में कार्रवाई की मांग को बुलंद करने के लिए 9 अप्रैल को टांडा में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने की बात कही थी। इसी बीच गुरुवार देर शाम टांडा कोतवाली में बैठक हुई, जिसमें प्रदेश सचिव ने प्रदर्शन कार्यक्रम स्थगित करने की घोषणा कर दी थी। परंतु पुलिस टीम शुक्रवार को सक्रिय नजर आयी।
बताया जाता है कि संभावित प्रदर्शन स्थल के अलावा तलवापार आदि क्षेत्रों में जहां पुलिसकर्मियों की तादाद बढ़ा दी गई, वहीं पीएसी जवानों को भी तैनात कर दिया गया। एएसपी संजय कुमार राय भी टांडा कोतवाली पहुंचे, और काफी देर तक वहां कैंप किए रहे। अपराह्न बाद तक जब सब कुछ शांत रहा तो वह मुख्यालय लौट गए। एसडीएम अभिषेक पाठक, सीओ संतोष कुमार, कोतवाल संजय पाण्डेय के अलावा आसपास के कई थानों की फोर्स क्षेत्र में गश्त करती रही। अपराह्न 2 बजे मस्जिदों में जुमा की नमाज अदा होने के बाद राहत की सांस ली। बाद में अदारए शरईया ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें अभद्र टिप्पणी करने वाले नरसिम्हा नंद सरस्वती के विरुद्ध रासुका की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की।