अंबेडकरनगर। कांग्रेस प्रत्याशी उमेद निषाद का परचा खारिज हो जाने के बाद उमेद पर पार्टी की तरफ से कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। जिले के कई कार्यकर्ताओं ने व्यक्तिगत तौर पर पार्टी नेताओं को पत्र भेजकर अविलंब उमेद को पार्टी से निष्कासित किए जाने की मांग की है। उधर पूरे घटनाक्रम पर जिला कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को भेज दी है। माना जा रहा है कि इसमें भी प्रत्याशी की मंशा व भूमिका को लेकर कई तरह के गंभीर सवालिया निशान लगाए गए हैं।
कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद से ही दस्यु सुंदरी रहीं फूलन देवी के पति उमेद निषाद का जो उहापोह भरा रवैया सामने आया था, उसे लेकर कार्यकर्ताओं के बीच आक्रोश बढ़ चला है। दरअसल अंबेडकरनगर संसदीय सीट से टिकट मिलने के बाद उनका रवैया कुछ इस तरह का था कि जिले के कार्यकर्ता व पदाधिकारी ही यह नहीं समझ पा रहे थे कि उमेद चुनाव लड़ेंगे या नहीं। इसी बीच उनका परचा खारिज हो जाने के बाद से कार्यकर्ताओं में उमेद को लेकर जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जानबूझकर यह सब कुछ किया गया, जिससे चुनाव न लड़ना पड़े।
पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारी ने कहा कि यह हद है कि प्रशासन ने 22 व 23 अप्रैल को दोनों दिन किए गए नामांकन के दौरान उन्हें पत्र देकर सूचित किया था कि उनके शपथ पत्र में तीन कॉलम खाली हैं। इसकी रिसीविंग भी प्रशासन के पास है, जिसमें खुद उमेद के हस्ताक्षर हैं। यह खबर सामने आने के बाद से ही कार्यकर्ता भड़के हुए हैं। यूथ कांगे्रस, राष्ट्रीय छात्र संगठन व जिला कमेटी के चार पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व को पत्र भेजकर उमेद को पार्टी से निष्कासित किए जाने की मांग की है। नाम न छापने की शर्त पर इन पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए कठोरतम कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
उधर जिला कांग्रेस कमेटी ने पूरे प्रकरण पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को भेजी है। हालांकि इसमें भेजे गए तथ्यों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें प्रत्याशी की भूमिका पर गहरे सवालिया निशान लगाए गए हैं। जिला प्रशासन के उन दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है, जिसके अनुसार प्रशासन ने दोनों बार के नामांकन के दौरान कमियों का लिखित उल्लेख किया था। इसके बावजूद प्रत्याशी की तरफ से उसका संज्ञान नहीं लिया गया। गौरतलब है कि बुधवार को नामांकन पत्र खारिज होने के बाद उमेद ने कहा था कि उन्हें इस बारे में नोटिस नहीं दिया गया।
प्रशासन ने मनमाने ढंग से नामांकन पत्र खारिज किया है। इस बीच पूरे प्रकरण को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सै. मेराजुद्दीन किछौछवी ने कहा कि जिस तरह से यह सबकुछ हुआ है, उसकी रिपोर्ट ऊपर भेज दी गई है। फिलहाल अभी इस प्रकरण पर इससे ज्यादा कहने के लिए मेरे पास कुछ नहीं है। कई पर्याप्त जानकारी है, लेकिन पार्टी नेतृत्व के निर्देश के बाद साझा किया जाएगा।