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जिंदा को मिल नहीं रहा, गुजर चुके लोगों को बांट रहे राशन

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भेलसर। जो जिंदा हैं, उन्हें कई चक्कर काटने के बाद भी राशन नहीं मिल रहा है। वहीं जो स्वर्ग सिधार चुके हैं उनका राशन बंट रहा है। ये कारनामा रुदौली तहसील के मुजफ्फरपुर गांव के एक सरकारी गल्ले की दुकान में अंजाम दिया जा रहा है। कोटेदार दो वर्षों से आधा दर्जन मुर्दों को राशन बांट रहा है। राशन कार्ड धारक मृतकों के नाम पर कोटेदार से राशन सामग्री उठा रहे हैं।
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आपूर्ति विभाग में अब नया खेल शुरू हुआ है। कोटेदार की अधिकारियों से शिकायत करने पर शिकायतकर्ता को अपात्र बताकर राशन कार्ड ही निरस्त कर दिया जाता है। कई बार अपात्र राशन कार्डों की जांच हुई लेकिन आज भी बड़ी संख्या में अपात्र गरीबों का राशन उठा रहे हैं। प्रदेश सरकार निराश्रित प्रवासी गरीबों और मजदूरों को राशन देने का संकल्प लेकर दिन-रात दिशानिर्देश पर अमल करने की बात कह रही है।
नियमानुसार व्यक्ति की मृत्यु के बाद उनका नाम डिलीट करने का प्रावधान है पर दुकानदार मृतकों को जिंदा बताकर शासन को चूना लगा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि उचित मूल्य के दुकानदार क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक से मिलीभगत कर इस तरह की गड़बड़ी कर रहे हैं। यदि किसी राशनकार्डधारी मुखिया की मृत्यु हो गई है तो उसका बाकायदा नाम परिवर्तित कर दूसरे सदस्यों के नाम से कार्ड बनाने का नियम है। लेकिन यहां सालों से राशन कार्ड को न ही बदला गया और न ही मुखिया या मृत सदस्यों के नाम काटे गए हैं।
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वहीं गांव की ही कृष्णा देवी पत्नी चंद्रबली पांडे के राशन कार्ड के यूनिट में बिना जांच किए ही विभाग ने कटौती कर दी है। राकेश कुमार, रामनिरंजन पांडे, आकाश तिवारी, मानसी पांडे, आकाश पांडे आदि परिवारों के राशन कार्ड में पूर्ति विभाग द्वारा किसी का राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया है तो किसी की यूनिट कम कर दी गई। राकेश कुमार पांडेय राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद पूर्ति विभाग का चक्कर काट रहे हैं पूर्ति विभाग सो रहा है आपूर्ति विभाग डाटा फीडिंग नहीं कर रहा है।
मृृतकों को भी बांटा जा रहा राशन
मुजफ्फरपुर गांव के राशन कार्ड में दर्ज कई लोग दो वर्ष के अंतर्गत मृतक हो चुके हैं। जिनमें मीना कुमारी, किरण गुप्ता, जगराम, रामतेज, रामगोपाल आदि लोगों की मृत्यु हो जाने के बाद भी खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइड पर दर्ज नाम के अनुसार हर माह कोटेदार द्वारा राशन का उठान कर बांटा जा रहा है।
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-मृत व्यक्ति के नाम से राशन नहीं मिल सकता है। अभी इसकी सूचना मुझे नहीं मिली है। मामले की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
विनोद कुमार यादव, - क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक
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