अंबेडकरनगर। चीनी मिल व गन्ना विकास समिति की मनमानी का खामियाजा जिले के हजारों गन्ना किसानों को भुगतना पड़ रहा है।पर्ची न मिलने का संकट अभी भी बना हुआ है। अधिकांश गन्ना तौल सेंटरों पर सन्नाटे का माहौल है। इसके बावजूद किसानों को समय से पर्ची नहीं मुहैया करायी जा रही है। मनमानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फरवरी माह का प्रथम सप्ताह बीत चुका है कि चीनी मिल अब तक 105 लाख कुंतल लक्ष्य के सापेक्ष महज 52 लाख 32 हजार कुंतल गन्ने की पेराई कर सकी है। ऐसे में इस बार लक्ष्य के सापेक्ष गन्ना पेराई कर पाना मुश्किल दिख रहा है, जबकि जिले में अभी पर्याप्त क्षेत्रफल में गन्ने की फसल खड़ी है।
इस बार चीनी मिल में पेराई सत्र का शुुभारंभ गत 24 नवंबर को हुआ था। इस वर्ष चीनी मिल अकबरपुर बाहरी जनपदों से गन्ने की खरीद नहीं कर रही है। ऐसे में इस बार चीनी मिल को 105 लाख कुंतल गन्ने की पेराई का लक्ष्य मिला है। चीनी मिल करीब ढाई माह में अब तक सिर्फ 52 लाख कुंतल गन्ने की ही पेराई कर सकी है। किसानों का आरोप है कि चीनी मिल द्वारा इस बार काफी सुस्त रफ्तारी से गन्ने की पेराई की जा रही है। इसके चलते ही जिले में अभी काफी क्षेत्रफल में गन्ने की फसल खड़ी है।
इन्हीं सब के चलते गन्ना विकास समिति द्वारा किसानों को समय से पर्ची ही मुहैया नहीं करायी जा रही है। ऐसे में जिले के अधिकांश गन्ना तौल सेंटरों पर सन्नाटा छाया हुआ, और किसान गन्ने की बिक्री के भटक रहे हैं। किसानों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो चीनी मिल प्रशासन इस तरफ ध्यान दे रहा है, और न ही गन्ना विकास समिति। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
कटरिया सम्मनपुर के सजीवन जायसवाल, सालिकराम, बरधा भिउरा के मंगल वर्मा, अखिलेश कुमार सिंह, प्रदीप वर्मा, बेवाना के राजबख्श सिंह, राजेसुल्तानपुर के कृष्ण कुमार यादव, जमुनीपुर के मनीराम व बनगांव के अनिल सिंह ने पर्ची न मिलने को लेकर नाराजगी जाहिर की। इन किसानों के पास खेतों में अभी डेढ़ से दो बीघा गन्ने की फसल खड़ी है। कई बार लिखित शिकायत भी की गई। इसके बावजूद पर्ची मुहैया नही हो रहा है। धीरे धीरे गर्मी का मौसम आ रहा है।
यदि समय रहते पर्ची न मिली तो धूप बढ़ने पर किसानों को गन्ने की छिलाई करने में काफी मुश्किल होगी। इन्हीं सब मुश्किलों से बचने के लिए किसान मजबूरन क्रेशरों पर गन्ने की फसल औने पौने दाम पर बेचने के लिए विवश हैं। किसानों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। जिला गन्ना अधिकारी हरिकृष्ण गुप्ता ने बताया कि गन्ना किसानों को रोस्टर के अनुरूप पर्ची मुहैया करायी जा रही है। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में गन्ने की पेराई कार्य पूरा हो चुका है। शिकायत मिलने पर तत्परतापूर्वक किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराया जाता है।