अंबेडकरनगर। पिछले दो दिनों से जिले में बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार की हल्की बारिश के बाद शनिवार को चली तेज हवाओं ने गन्ना और धान की खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। कई क्षेत्रों में फसलें खेतों में बिछ गई हैं। विशेष रूप से अगेती धान और सुगंधित किस्में हवा की चपेट में आ गई हैं, जिससे किसानों ने फसलों के उत्पादन में करीब 20 फीसदी तक आर्थिक क्षति होने का अनुमान लगाया है।
जिले में इस वर्ष 1,38,243 हेक्टेयर में धान की खेती की गई है, जिसमें 15 हजार हेक्टेयर में अगेती धान और 1500 हेक्टेयर में सुगंधित धान की बोआई हुई थी। फिलहाल इन्हीं किस्मों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। अकबरपुर के पसिया पारा, जलालपुर के सुरहूरपुर रोड, महमदपुर, राजेसुल्तानपुर, बसखारी और भीटी क्षेत्रों से फसलों के गिरने की खबरें आ रही हैं। किसानों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम का यही मिजाज बना रहा तो धान के कुल उत्पादन में 18 से 20 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र पांती के अध्यक्ष डॉ. रामजीत ने बताया कि इस समय हवा के कारण धान की अगेती किस्मों के साथ-साथ कुछ दलहन व तिलहन फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। किसान मौसम के खुलने का इंतजार करें।
बारिश से उत्पादन पर दिखेगा असर
महमदपुर निवासी किसान राजेंद्र का कहना है कि तेज हवाओं में उनकी गन्ने की फसल भी गिर गई है। खेतों में फसल को संभाल पाना बेहद मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर तो पूरी की पूरी फसल खेतों में चित हो गई है। पसिया पारा के किसान जगराम वर्मा ने बताया कि बारिश से नुकसान नहीं हुआ, लेकिन तेज हवाओं से फसलें गिर रही हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा।
अक्तूबर में 4.1 मिमी बारिश हुई बारिश
शुक्रवार रात हुई बूंदाबांदी के बाद शनिवार को पूरे जनपद में बादल छाए रहे। अधिकतम तापमान 27 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहा। अक्तूबर माह में अब तक 4.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय, अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्रा के अनुसार, अगले एक-दो दिनों तक हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, उसके बाद मौसम साफ हो सकता है।