ये जानने के लिए संबंधित अफसरों व कर्मचारियों के फोन मिलाए गए, लेकिन कोई समुचित जवाब नहीं दिया गया।
गर्मी की शुरुआत से ही बेपटरी हुई जिले की विद्युत आपूर्ति में तमाम शिकायतों व संबंधित उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश के बाद भी अब तक पटरी पर नहीं आ सकी है।
बुधवार को भी जिला मुख्यालय के मीरानपुर, पेवाड़ा, रसूलपुर हौजपट्टी, तमसा मार्ग, अहिराना, मुरादाबाद सहित अन्य मोहल्लों में पूरी रात कई चरणों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। इस बीच कई क्षेत्रों में जो बिजली लोगों को उपलब्ध भी हुई, उसमें लो वोल्टेज की समस्या बनी रही।
इससे एसी व कूलर चलने की बात तो दूर पंखे भी ठीक से नहीं चल रहे थे। नतीजा ये रहा कि उमस भरी गर्मी में लोग पूरी रात बिस्तर पर करवटें बदलते हुए पावर कॉरपोरेशन अधिकारियों व कर्मचारियों को कोसते रहे। बिजली न होने से एक तरफ जहां टुल्लू पंप नहीं चल सके, वहीं सुबह के वक्त वाटर सप्लाई भी बाधित रही। नतीजा ये रहा कि एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को इधर-उधर दौड़ लगानी पड़ी।
अकबरपुर नगर के हसन रजा व दीप कुमार ने कहा कि जब तक जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला नहीं जाता, तब तक विद्युत आपूर्ति में सुधार नहीं होने वाला है। पावर कॉरपोरेशन अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों को भी इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
शिक्षक रूपचंद्र व राममिलन ने कहा कि बदतर विद्युत व्यवस्था का बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। देर सायं व प्रात: जब पढ़ने का समय होता है, तब बिजली चली जाती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए विद्युत आपूर्ति में सुधार सुनिश्चित करने की मांग की है।