भीटी (अंबेडकरनगर)। चांद के दक्षिणी ध्रुव तक चंद्रयान-3 को सफलता पूर्वक पहुंचाने में अंबेडकरनगर के युवा वैज्ञानिक प्रभात पांडेय का भी योगदान रहा है। प्रभात इसरो की उस टीम में शामिल थे जिसने इस मिशन को कामयाब बनाकर दुनिया में देश का नाम रोशन किया। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद उनके परिवार को लगातार बधाई मिल रही हैं।
भीटी तहसील क्षेत्र के ग्राम सरैया वीरसिंहपुर निवासी ओमप्रकाश पांडेय के पुत्र प्रभात इसरो में सिस्टम इंजीनियर के तौर पर बंगलुरु में कार्यरत हैं। निजी विद्यालयों में शिक्षक रह चुके ओमप्रकाश ने बताया कि उनके पुत्र ने चंद्रयान-2 के लिए भी काम किया था। इसके बाद इसरो प्रमुख के नेतृत्व में चंद्रयान-3 को चांद पर भेजने के काम में लगी टीम में प्रभात भी शामिल हुए थे। प्रभात चंद्रयान के सेंंसर पर काम करने वाले दल के सदस्य हैं।
चंद्रयान-3 की सफलता से गदगद ओमप्रकाश ने बताया कि चांद पर लैंडिंग होते ही उनके वैज्ञानिक पुत्र ने फोन कर अपनी खुशी साझा की। प्रभात ने शांति आश्रम इंटर कॉलेज सया से हाईस्कूल तक पढ़ाई की। इस स्कूल के शिक्षकों में भी खुशी का माहौल है। एसएसबी इंटर कॉलेज अयोध्या से इंटरमीडिएट तथा एनआईटी वारंगल तेलांगाना से बीटेक करने वाले प्रभात ने आईईएस की भी परीक्षा पास की थी।
प्रभात के छोटे भाई परिमल केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में अवर अभियंता हैं। दो बहनों में बड़ी प्रगति का विवाह हो चुका है। छोटी बहन तनु पांडेय बीएड की पढ़ाई कर रही हैं।