राजेसुल्तानपुर में कटान की भेंट चढ़ा खेत।
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी का जलस्तर गिरने के साथ जारी कटान नहीं रुकने से लोग परेशान हैं। माझा कम्हरिया में बृृहस्पतिवार को एक कच्चा मकान कटान की भेंट चढ़ गया। इसके साथ तीन बीघा खेत भी नदी में समा गए। कटान के चलते हफ्तेभर में 24 बीघा खेत नदी में समा चुके हैं।
सरयू के जलस्तर में एक सप्ताह से गिरावट जारी है। इसके साथ ही कटान होने से माझा क्षेत्र के कई गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कटान का सिलसिला बृहस्पतिवार को थमा नहीं। माझा कम्हरिया निवासी बद्री निषाद का कच्चा मकान नदी में समा गया। इसके साथ बद्री का एक बीघा खेत, लालबहादुर व राजेंद्र कुमार भी एक-एक बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गया।
इस बीच कम्हरिया निवासी परमात्मा की शीशम की बाग के निकट तक कटान जारी है। ग्रामीणों का कहना कटान की रफ्तार को देखते हुए बाग व अन्य खेत भी कटान की भेंट चढ़ जाएंगे।
इनसेट
मवेशियों के लिए चारे का संकट
नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद खेतों में अभी पानी भरा है। इससे ग्रामीणों के सामने अपने मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। चारे की व्यवस्था करने के लिए किसानों को दूसरे गांवों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कल्लू नोनिया का पूरा निवासी अंगद व बद्री निषाद का पूरा निवासी रविशंकर ने बताया कि खेतों में लगातार पानी भरा होने से चारे की फसल गल गई है। इससे मवेशियों के लिए हरा चारा नहीं मिल रहा है। कल्लू का पूरा निवासी सेवाराम व कम्हरिया निवासी मस्तराम ने कहा कि प्रशासन को मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम करना चाहिए।
कटान रोकने का हो रहा प्रयास
नदी की कटान पर नजर रखी जा रही है। कटान वाले क्षेत्रों में इसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. सदानंद गुप्ता एडीएम