अंबेडकरनगर। लगभग दस दिनों बाद आखिरकार मंगलवार को गेहूं खरीद की शुरुआत हो गई। खाद्य विभाग के तीन क्रय केंद्रों पर छह किसानों का 15.65 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया है कि केंद्र पर आने वाले किसानों के गेहूं की खरीद सुचारू रूप से की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
मंगलवार को जिले में गेहूं खरीद की शुरुआत हो ही गई। मालूम हो कि एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई थी। किसानों की सुविधा के लिए शुरुआत में पांच एजेंसियों के 55 क्रय केंद्र स्थापित थे लेकिन बाद में इन्हें बढ़ाकर 64 कर दिया गया। इसमें खाद्य विभाग के 12, पीसीएफ के 44, यूपीएसएस के पांच, भारतीय खाद्य निगम के एक व मंडी समिति के एक क्रय केंद्र शामिल हैं।
तमाम कोशिशों के बावजूद क्रय केंद्र तक किसान नहीं पहुंच रहे थे। फसल तैयार न होना भी इसकी वजह बताई जा रही थी। इस बीच मंगलवार को छह किसानों ने संबंधित क्रय केंद्र पर पहुंचकर गेहूं की बिक्री की। मंडी समिति सिझौली परिसर स्थित खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर उपज की बिक्री करने पहुंचे अटंगी मुबारकपुर के किसान चंद्रसेन वर्मा ने बताया कि उन्होंने 52 क्विंटल गेहूं की बिक्री की। अकबरपुर के रामसूरत भी इसी क्रय केंद्र पर पहुंचे थे। 32 क्विंटल गेहूं की बिक्री करने वाले रामसूरत ने कहा कि गेहूं बेचने में कोई परेशानी नहीं हुई। केंद्र के विपणन निरीक्षक राहुल कुमार ने बताया कि सुचारु रूप से खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। किसानों की आमद कम होने से खरीद की गति धीमी है।
सत्यापन पर आएगी फोटो
गेहूं खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए इस बार शासन ने नई व्यवस्था की है। पहले बिक्री करने वाले किसानों को ई-पॉस मशीन में सिर्फ अंगूठा ही लगाना पड़ता था। अंगूठा लगाने के साथ ही किसान की संपूर्ण जानकारी सामने आ जाती थी। अब इसमें सुधार किया गया हैै। अंगूठा लगाने पर नाम व अन्य ब्योरे के साथ फोटो भी आ रही है।
क्रय केंद्र पर बिक्री करें किसान
खरीद को लेकर सभी क्रय केंद्र पर तैयारियां पूरी हैं। किसानों को चाहिए कि वे क्रय केंद्र पर ही गेहूं की बिक्री करें। इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। - राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी