नमाज से पूर्व मौलाना ने लोगों से आह्वान किया कि वे रमजान माह में कोई ऐसा कार्य न करें, जो इस्लाम के बताए रास्तों के विपरीत हो। उधर नमाज को सकुशल निपटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
पवित्र रमजान माह में जुमे की नमाज को विशेष दर्जा दिया गया है। यही कारण रहा कि रमजान माह के तीसरे शुक्रवार को जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न मसजिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर नमाज अदा की।
अकबरपुर नगर स्थित शिया जामा मसजिद में नमाज से पूर्व मौलाना सै. शुजा हैदर जैदी ने कहा कि इबादतों के इस माह में कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए, जो इस्लाम के बताए रास्तों के विपरीत हो।
कहा कि ऐसा करने से न सिर्फ दुनियावी जिंदगी बेहतर होगी, वरन मरने के बाद भी राहत मिलेगी। कहा कि अल्लाह ऐसे लोगों पर अजाब बरसाता है, जो पवित्र माह में हराम काम करता है। किसी की चुगली करना, गरीबों का हक मारना, माता पिता को दुख पहुंचाना बड़े गुनाहों में माना गया है।
शहजादपुर स्थित मसजिद में नमाज से पूर्व शहर इमाम हाफिज शकील अख्तर ने कहा कि अल्लाह इस माह में अपने बंदों के लिए रहमतों के दरवाजे खोल देता है। साथ ही वह अपने बंदों की स्वयं मेजबानी करता है।
अब यह हमारे ऊपर है कि किस तरह अल्लाह के दरबार में जाना है। लोगों से आह्वान किया कि वह इस माह में अधिक से अधिक इबादत कर अपने गुनाहों को माफ कराएं।