अपने कब्जे वाली विवादित भूमि की पैमाइश रोकने के लिए शनिवार को अकबरपुर के थाना समाधान दिवस में हंगामा करने और अधिकारियों को चेतावनी देना एक सपा नेता व उसके रिश्तेदार शिक्षक को भारी पड़ा।
पहले भी पैमाइश में बाधा डाल चुके दोनों लोगों को एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया। शांतिभंग के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को मंडल कारागार फैजाबाद भेज दिया गया।
अकबरपुर में थाना समाधान दिवस के दौरान शनिवार को एसडीएम विवेक मिश्र क्षेत्रीय लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। इसी बीच अकबरपुर क्षेत्र में ग्राम सुड़ारी निवासी नंदलाल यादव अपने रिश्तेदार रामपुर मंगुराडिला के रहने वाले सपा नेता धर्मेंद्र यादव के साथ वहां पहुंचे।
टांडा ब्लॉक के एक परिषदीय विद्यालय में शिक्षक नंदलाल ने एक भूखंड की पैमाइश के लिए जाने वाली टीम को नहीं भेजने को कहा। उस जमीन पर अपना कब्जा और दीवानी न्यायालय से अपने पक्ष में फैसला होेने की बात कही। स्थानीय लेखपाल ने कहा कि इस मामले में डीएम ने पैमाइश के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया है।
उनके आदेश पर ही आज पैमाइश होनी है। इस पर नंदलाल व धर्मेन्द्र ने पैमाइश रोकने के लिए दबाव बनाया तो एसडीएम ने कहा कि पांच सदस्यीय टीम का गठन कर आज ही पैमाइश कराया जाएगा।
इसी बीच कोतवाल रामलखन पटेल ने बताया कि इससे पहले भी एक बार पैमाइश के लिए आदेश हुआ था, लेकिन इन लोगों ने नहीं होने दिया। लेखपाल ने करीब 17 बिस्वा सार्वजनिक भूमि पर कब्जे की शिकायत की बात कही। कोतवाल ने एसडीएम से पर्याप्त फोर्स उपलब्ध कराकर पैमाइश कराने की बात कही।
इस पर धर्मेंद्र व नंदलाल ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने भूमि की पैमाइश नहीं होनेे देने की अधिकारियों को चेतावनी दी। यह देख एसडीएम का भी पारा चढ़ गया। उनके आदेश पर कोतवाल ने दोनों को हिरासत में ले लिया और थाने ले जाकर हवालात में डाल दिया। दोनों के विरुद्ध पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई करते हुए न्यायिक आदेश पर मंडल कारागार फैजाबाद भेज दिया।