जलालपुर के नगपुर में मृतक ध्रुव गुप्ता के घर पर विलाप करतीं महिलाएं। संवाद
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। ध्रुव की मौत के बाद उनके घर में मातम पसरा है। उन्होंने अपनी दोनों बहनों से इस वर्ष रक्षाबंधन पर आने का वादा किया था। बूढ़ी मां की भी बेटे के साथ कुछ समय बिताने की चाह थी। ध्रुव के आने से पत्नी और दोनों बच्चे भी काफी खुश थे, लेकिन इस घटना से पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। किसी को खबर नहीं थी कि यह खुशियां महज दो दिन की हैं।
पति की मौत के बाद से पत्नी ऊषा बेसुध हैं। 13 वर्षीय बेटा कुनाल और 10 वर्षीय आर्यन सहमे हुए हैं। मां विफना देवी (65) की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं। ध्रुव तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके पिता मोहनलाल का करीब 16 वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद ध्रुव विदेश में नौकरी कर परिवार की जिम्मेदारी संभालते रहे थे।
छोटे भाई इंद्रेश और अमित चौराहे पर चाय की दुकान चलाते हैं। बहन पूनम और सोनम से ध्रुव ने रक्षाबंधन पर घर आने का वादा किया था। वह बहनों और बच्चों के लिए सामान खरीदने की तैयारी में थे। परिवार को उम्मीद थी कि रक्षाबंधन पर ध्रुव के घर लौटने से कुछ दिन खुशियों के साथ बीतेंगे, लेकिन त्योहार से पहले ही घर में मातम पसर गया। जिस घर में त्योहार की तैयारियां होनी थीं, वहीं अब परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
युवकों पर समूह बनाकर गुंदागर्दी करने का आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में युवकों के उत्पात को लेकर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों ने बताया कि आरोपी युवक आए दिन बाजार में मारपीट और गाली-गलौज करते हैं तथा उन्होंने ‘7171’ नाम से एक समूह बना रखा है। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोगों की शरण और प्रभाव के चलते उनका मनोबल बढ़ा हुआ है। स्थानीय निवासी शक्तिमान (26) ने भी 9 अगस्त की सुबह मारपीट का आराेप लगाया। उसके अनुसार कांवड़ यात्रा से लौटते समय जूनियर स्कूल के पास इसी समूह के युवकों ने उसे रोककर मारपीट की। इसमें उसका एक दांत टूट गया और शरीर में कई जगह चोटें आईं। आरोप है कि देर रात शराब के नशे में कुछ लोगों ने उसके घर पर पत्थर भी फेंके थे।