जैतपुर थाना क्षेत्र के उसमा जोलहापुर गांव में पारिवारिक कलह से ऊबकर एक महिला ने आग लगाकर अपने आठ वर्षीय पुत्र के साथ जान दे दी। उस समय घर के सभी लोग खेत में काम करने गए थे।
जब तक परिवारीजन व ग्रामीण कमरे का दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकालते, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 24 घंटे बाद भी मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई।
जानकारी के मुताबिक गांव निवासिनी बिंदू चौहान (32) शनिवार दोपहर बाद अपने आठ वर्षीय पुत्र गोलू उर्फ शोभनाथ को लेकर घर के पीछे वाले कमरे में गई। वहां कमरे का दरवाजा अंदर से बंदकर उसने पहले अपने पुत्र के हाथ पैर बांध दिए। इसके बाद पहले अपने ऊपर फिर पुत्र पर मिट्टी का तेल छिड़कर कर आग लगा लिया।
पति के मुताबिक वह तथा उसके परिवार के अन्य सदस्य उस समय खेत में काम करने गए थे। कमरे से धुआं निकलता देख आसपास के ग्रामीणों ने गोहार मचा दी। जानकारी मिलते ही खेत में मौजूद सभी परिवारीजन घर की तरफ दौड़ पड़े। देखते ही देखते काफी लोग मौके पर एकत्र हो गए।
जब तक ग्रामीणों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा जाता, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों शव अलग अलग पड़े थे। बताते हैं कि महिला अपने बेटे के साथ बीते दिनों ही किसी बात पर ससुरालीजनों से नाराज होकर मायके चली गई थी। वहां से एक दो दिन पूर्व ही उसका भाई दोनों को लेकर यहां पहुंचा गया था।
इसी बीच सूचना पर एसओ जैतपुर ओपी शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ ने बताया कि बिंदू का वर्ष 2000 में भानुप्रसाद के साथ विवाह हुआ था। उसके एक पुत्र था। बिंदू का मायका जौनपुर जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र के कोपा गांव में है।
उसका पति दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करता है। बीते एक माह से वह यहां पर रह रहा है। एसओ ने बताया कि सूचना पर महिला का भाई आया है लेकिन उसने किसी प्रकार की तहरीर नहीं दी है। यदि तहरीर देता है, तो उस पर भी छानबीन की जाएगी।