अंबेडकरनगर। जिले के 90 गांव के नौ हजार किसानों के खेत की मिट्टी की उर्वरा शक्ति की जांच का कार्य शुरू हो गया है। अलग-अलग टीमों द्वारा चयनित गांव में पहुंचकर संबंधित किसान के खेत की मिट्टी का नमूना लिया जा रहा है। 15 जून तक सभी चयनित गांव से मिट्टी का नमूना लिए जाने का कार्य पूरा किया जाना है।
मिट्टी के उपजाऊपन को बनाए रखने के लिए समय-समय पर अभियान चलाकर न सिर्फ मिट्टी का नमूना लिया जाता है बल्कि कृषि भवन में स्थित प्रयोगशाला में उसकी जांच भी की जाती है। यदि मिट्टी में किसी भी प्रकार के पोषकतत्व की कमीं होती है तो इस संबंध में संबंधित किसानों को जरूरी जानकारी दी जाती है।
इसी क्रम में जिले में मिट्टी जांच का अभियान एक बार फिर से शुरू हो गया है। कृषि भवन कार्यालय के अनुसार यह अभियान 15 जून तक चलेगा। इसके लिए जिले के सभी नौ विकास खंड के 90 गांवों का चयन किया गया है। प्रत्येक गांव में 100-100 किसानों के खेत की मिट्टी का नमूना लिया जाएगा। बाद में इनकी जांच प्रयोगशाला में की जाएगी।
कार्यालय कर्मियों के अनुसार मिट्टी में 12 प्रकार के पोषकत्व पीएच मान, फाॅस्फेट, पोटाश, ईसी, जीवांश कार्बन, सल्फर, बोरॉन, ऑयरन, मैगनीज, कॉपर, जिंक, नाड्रोजन की जांच की जाएगी। यह जांच पूरी तरह से निशुल्क होगी।
इन गांवों का हुआ चयन
पंजूपुर, अफजलपुर, कुर्कीमहमूदपुर, सुल्तानपुर, भगवानपुर, छितुनी, चंदनपारा, बासगांव, अहलादे, बेवाना, बलया जगदीशपुर, पकड़ी भोजपुर, दशरथपुर, दहियावर, भूलेपुर, मुंडेरा, देवहर, सरदिलपुर, खजुरी करौंदी, ताजूपुर, हाजीपुर, अवधना इस्माइलपुर, मरहरा, गोविंदपुर, मथुरा रसूलपुर, बड़ागांव, तिलंकटंडा, करौंदी मिश्र, तेंदुआई कला, प्रतापपुर, गोपालपुर, शिवतारा, अटवाई, खेमापुर, घरवासपुर चौबे समेत जिले के सभी नौ विकास खंडे के 90 गांव शामिल हैं।
निशुल्क होगी जांच
जिन गांव का चयन किया गया है वहां के किसानों के खेत की मिट्टी की जांच पूरी तरह से निशुल्क होगी। इसके इतर जो किसान स्वयं मिट्टी का नमूना जांच के लिए लेकर कृषि भवन आएंगे उन्हें पैरामीटर के अनुसार भुगतान करना होगा। - पीयूष राय, जिला कृषि अधिकारी