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Ambedkar Nagar News: आठ माह में महज 1800 घरों में लगे स्मार्ट मीटर

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अंबेडकरनगर। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य मंद गति से चल रहा है। 31 मार्च तक 47000 घरों में स्मार्ट मीटर लगाया जाना है, लेकिन अब तक महज 1800 घरों में ही स्मार्ट मीटर लग सके हैं। पावर कारपोरेशन के अफसरों का दावा है कि जिले में चीनी मीटर एक भी नहीं लगे हैं।
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जिले भर में 42 बिजली घरों के माध्यम से चार लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को बिजली दी जा रही है। हर माह 70-80 मिलियन यूनिट बिजली की खपत है। जबकि गर्मी में 90 मिलियन यूनिट तक बिजली की खपत पहुंच जाती है। इसके सापेक्ष वसूली केवल 50 प्रतिशत ही हो पाती है। बड़ी संख्या में मीटर बाईपास कर बिजली चोरी की शिकायतें मिलने के बाद पावर कारपोरेशन ने स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला लिया। पहले चरण में विद्युत उपकेंद्र के फीडरों पर स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अब अकबरपुर शहरी क्षेत्र में 30 हजार उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन यह कार्य बहुत ही मंद गति से चल रहा है। आठ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी केवल 1800 स्मार्ट मीटर ही लगाए जा सके हैं।

स्मार्ट मीटर के फायदे

स्मार्ट मीटर से घर प्रतिष्ठान में बिजली खपत की पल-पल की जानकारी मिल सकती है। बिजली बिल व मीटर रीडिंग से छुटकारा मिल जाएगा। उपभोक्ता स्वयं अपना बिजली बिल रिचार्ज कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद लो वोल्टेज की समस्या से भी निजात मिलेगी और निर्बाध बिजली आपूर्ति भी होगी। स्मार्ट बिजली मीटर में दो रिले लगे हुए हैं। इसकी वजह से फॉल्ट या शॉर्ट सर्किट होने पर घर की सप्लाई खुद बंद हो जाएगी।
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मीटर लगने के बाद करने होंगे ये काम

स्मार्ट मीटर सेवा के बेहतर लाभ के लिए निजी अर्थिंग के बजाय सर्विस अर्थिंग से जुड़ना बेहतर होगा। निजी अर्थिंग होने से बिजली की खपत बढ़ सकती है। स्मार्ट मीटर के बेहतर लाभ के लिए बिजली खपत के वास्तविक लोड की जानकारी जरूरी है। स्मार्ट मीटर लगने के एक माह बाद बिजली खपत की गणना की जाती है। ऐसे में यदि विद्युत कनेक्शन एक किलो वाट का है और खपत उससे ज्यादा है तो लोड बढ़ा लेना अनिवार्य है। क्योंकि निर्धारित कनेक्शन से अधिक लोड होने की स्थिति में स्मार्ट बिजली मीटर पेनाल्टी के साथ बिजली बिल देगा।
तेजी से मीटर लगाने के दिए गए निर्देश

अब तक 1800 स्मार्ट मीटर घरों में लगाए जा चुके हैं। अभी तक केवल छह टीम ही इस कार्य को कर रही थीं। इनकी संख्या बढ़ाकर 20 कर दी गई है। 31 मार्च तक 47 हजार मीटर लगाने का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया गया है।
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संजय कुमार, अधीक्षण अभियंता
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