जानकारी के मुताबिक बुधवार रात अचानक गांव निवासी शंभू चौहान के घर से आग की लपटें उठना शुरू हो गईं। यह देख गुहार मचाते हुए परिवारीजन बाहर भागे। गुहार पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग थमने का नाम ही नहीं ले रही थी।
देखते ही देखते आग ने इर्दगिर्द के भी घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। लगभग डेढ़ घंटे के अथक प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक शंभू के अलावा बुधई, शेषभान, धर्मेंद्र, देवेंद्र, पुरुषोत्तम की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो चुकी थी। आग से लगभग 6 लाख रुपये की हानि हुई।
पूर्व प्रधान श्यामनरायन ने मामले की जानकारी एसडीएम को दी, लेकिन समाचार प्रेषण तक कोई भी अधिकारी व जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर नहीं पहुंच सका। नतीजा यह रहा कि पूरी गृहस्थी खाक होने के चलते पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो रहे हैं।
उपेक्षा से ग्रामीणों में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। उधर एसडीएम नरेंद्र सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है। राजस्वकर्मियों को भेजकर क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट दिए जाने का निर्देश दिया गया है।