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पट्टी बाजार में पसरा रहा सन्नाटा

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जलालपुर। उपद्रव के 24 घंटे बाद रविवार को पट्टी बाजार में शांति दिखी। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। वीकेंड कर्फ्यू के चलते अधिकांश दुकानें वैसे ही बंद रहीं, लेकिन फल, किराना और दवा की दुकानें खुलीं। ग्रामीणों में हालांकि पुलिसिया कार्रवाई का भय भी देखने को मिला, क्योंकि तोड़फोड़ और आगजनी को लेकर केस दर्ज हो चुका है।
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बीते दिन पट्टी बाजार लगभग चार घंटे तक अराजकता की चपेट में रहा था। यूं तो शनिवार को भी साप्ताहिक लॉकडाउन था, इसके बावजूद बाजार में ठीक-ठाक चहल-पहल थी। नतीजा यह रहा था कि ट्रॉले से युवक के कुचल जाने के बाद भारी भीड़ जुट गई। ट्रॉला चालक की पिटाई करने के साथ ही ट्रॉले में तोड़फोड़ की कोशिश हुई, लेकिन तभी एआरटीओ और उनकी टीम दिख गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने उनके वाहन में तोड़फोड़ के साथ ही उन सभी को दौड़ा लिया। उनका राजकीय चालक पकड़ में आ गया, जिसकी जमकर पिटाई कर दी। एआरटीओ और एक सिपाही को भागकर जान बचानी पड़ी थी। इसके बाद भड़के ग्रामीणों ने एआरटीओ के सरकारी वाहन को फूंक दिया।
इससे घंटों अफरातफरी का माहौल रहा। इसी दौरान ट्रॉलेमें फंसे युवक को निकालने की कोशिश के दौरान भी हड़कंप मचा रहा। कारण यह कि युवक ट्रॉले के नीचे फंसा था। ट्रॉले को आगे पीछे करने पर उसकी जान न निकल जाए, इसलिए वाहन को एक तरफ से उठाने का निर्णय हुआ। आननफानन में आई जेसीबी यह नहीं कर पाई तो ट्रक से मौरंग उतारे जाने का काम शुरू करा दिया गया। बाद में और भी जेसीबी आ गई। लगभग आधे ट्रॉले की मौरंग उतारने के बाद युवक को निकाला जा सका। इसके बाद पुलिस ने बाजार से भीड़ को हटा दिया। हालांकि शाम तक बाजार में तनाव की स्थिति रही, जिसके चलते पुलिस बल की तैनाती रही।
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इस बीच रविवार को बाजार में शनिवार की अपेक्षा सन्नाटा दिखा। 24 घंटे पहले के तनाव की बजाय शांति का माहौल बाजार में रहा। पुलिस कर्मियों के बूटों की धमक भी नहीं सुनाई पड़ी। पुलिस कर्मियों की ड्यूटी नहीं थी। दवा, किराना, सब्जी और फल आदि की दुकानें खुलीं लेकिन ग्राहक ज्यादा नहीं थे। कुछ ग्रामीण बाजार पहुंचे जरूर, लेकिन पुलिस कार्रवाई की आशंका में बाजार में पहले की तरह चहल-पहल नहीं थी।
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