परिवारीजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन वे पंचायत चुनाव के नामांकन के लिए प्रत्याशियों व समर्थकों की भीड़ में फंस गए। काफी देर तक परिवारीजनों ने जाम ने निकलने की जद्दोजहद की लेकिन किसी ने बीमार के लिए भी रास्ता नहीं छोड़ा।
ग्राम प्रधान व पंचायत सदस्य पद के नामांकन में उमड़ी भीड़ के चलते सोमवार को जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही। मुख्य मार्गों के अलावा वैकल्पिक मार्गों में भी घंटों जाम लगा रहा। जिला मुख्यालय स्थित अकबरपुर ब्लॉक में सोमवार को नामांकन दाखिल किए गए।
नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण ब्लॉक पर दावेदारों व समर्थकों की काफी भीड़ थी। इससे अकबरपुर नगर के प्रमुख मार्ग सुबह से जाम हो गए। पुराने तहसील तिराहे से लेकर ओवरब्रिज व बस स्टेशन होते हुए पटेलनगर तिराहे तक करीब दो किलोमीटर तक जाम लग गया। यही स्थिति अन्य मार्गों की भी थी।
जाम को देखते हुए नागरिकों ने रेलवे स्टेशन के पीछे से जौहरडीह होकर बसखारी मार्ग पर निकलने का प्रयास किया तो वह रोड भी जाम हो गया। उसी दौरान सम्मनपुर निवासी अशफाक की पत्नी रेहाना (45) को परिवारीजन उपचार के लिए जीप से जिला अस्पताल ले जा रहे थे। रेहाना के पेट में तेज दर्द था।
जाम में फंसी रेहाना तेज दर्द से तड़पती रही। बीमार महिला को अस्पताल पहुंचाने में मदद के लिए आसपास कोई पुलिस कर्मी भी नहीं था। समय पर उपचार न मिल पाने के कारण रेहाना ने जीप में ही दम तोड़ दिया। रेहाना दोस्तपुर स्थित अपने मायके में रह रही थी। मौत के बाद परिवारीजन किसी तरह जाम से निकलकर महिला का शव घर चले गए।
जाम में फंसे लोगों ने पुलिस प्रशासन पर नाराजगी व्यक्त की। कहा कि नामांकन के अंतिम दिन दावेदारों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना के मद्देनजर यातायात सुचारु करने की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। प्रशासन की लापरवाही के चलते जाम की स्थिति उत्पन्न हुई है।
नामांकन में आने वाले वाहनों के काफिलों को ब्लॉक मुख्यालय से दूर रोका गया होता तो शहर में लोग दिन भर जाम से परेशान नहीं होते। पुराने तहसील तिराहे के निकट जाम में फंसे राधेश्याम व संतोष ने बताया कि उन्हें जिला अस्पताल जाना था। लगभग आधा घंटा बाद भी जाम नहीं हटा।
इस पर उन्होंने पुलिस के प्रति नाराजगी जाहिर की। कटेहरी के रामनयन ने कहा कि फैजाबाद मार्ग से पुराने तहसील तिराहे तक पहुंचने में ही एक घंटे का समय लग गया है। इसके बाद भी जाम की समस्या से छुटकारा नहीं मिला। प्रशासन को सुचारु अतिरिक्त पुलिस का प्रबंध करना चाहिए था।