राजेसुल्तानपुर। भगवान श्रीराम प्रेम एवं दया की प्रतिमूर्ति थे। भाइयों के प्रति अटूट प्रेम, शबरी के प्रति विश्वास तथा भक्तों के प्रति श्रद्धा का भाव रखते थे। वह सभी को बराबर सम्मान प्रदान करते थे। मनुष्य एवं जानवरों में भी भगवान श्रीराम ने कोई भेद नहीं किया और बराबर का सम्मान दिया। हम सभी को भगवान राम के आदर्शों से सीख लेना चाहिए। हमें ऊंचनीच का भेदभाव नहीं करना चाहिए।
यह विचार मंगलवार की शाम मुख्य अतिथि सपा की पूर्व विस प्रत्याशी संगीता कनौजिया ने धर्मपुर करमैतेपुर में रामलीला का फीता काटकर शुभारंभ के दौरान प्रकट किया। कहा कि भगवान राम के आदर्शों को अपनाने से ही समाज में आपसी भाईचारे को मजबूती मिलेगी और समाज में खुुशहाली आएगी। हम भगवान राम के जिस भी रूप को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहें, वही आदर्श है।
भगवान राम अनंतकाल तक जन जन के लिए प्रेरणास्त्रोत रहेंगे। विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजीत यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने कर्तव्य निष्ठा का जो उदाहरण पेश किया है, वह अनुकरणीय है। हम सभी को उनके बताए हुए सत्य मार्ग पर चलकर आगे बढ़ना चाहिए। रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को पुष्प पुष्प भेंट कर तथा विशिष्ट अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौके पर दुर्गेश कनौजिया, बृजेश यादव आदि मौजूद रहे। (संवाद)