फोटो-08 अंबेडकरनगर के जलालपुर में विजयदशमी के मौके पर होता पुतला दहन
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अंबेडकरनगर। असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाने वाला विजयदशमी का पर्व रविवार को जिले में उल्लास व श्रद्धा के साथ मना। कोविड 19 के चलते कहीं पर दर्शकों की भारी भीड़ तो नहीं जमा हुई, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने मौके पर पहुंचकर परंपरा का निर्वहन किया। रावण पुतला दहन के साथ ही कुछ स्थानों पर प्रतीकात्मक रूप से श्रीराम-रावण युद्ध का मंचन किया गया। रावण पुतला दहन देखने के लिए दर्शकों ने पहुंचकर आनंद उठाया। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में विजयदशमी का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। कहीं पर किसी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति न पैदा हो इसके लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। आयोजन स्थलों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही टीम क्षेत्र में लगातार भ्रमण करती रही।
सोमवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विजयदशमी को पर्व पूरे उल्लास के साथ मना। जगह जगह कोविड 19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए रावण का पुतला जलाया गया, और असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया गया। लोगों ने एक दूसरे को विजयदशमी पर्व की बधाई दी। अकबरपुर नगर के डॉ जीके जेतली स्कूल में जहां रावण पुतला का दहन कर परंपरा का निर्वहन किया, वहीं शहजादपुर के रामलीला मैदान में रावण पुतला दहन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहां पर युवाओं ने पहुंचकर रावण पुतला कार्यक्रम का आनंद उठाया। युवाओं ने इस आयोजन में कोविड 19 के निर्देशों का भी ख्याल रखा। किसी प्रकार की अव्यवस्था न उत्पन्न हो इसके लिए दोनों आयोजन स्थलों पर पुलिस टीम मौजूद रही। कोविड के चलते इस बार बीएन इंटर कॉलेज में विजयदशमी पर होने वाला रावण पुतला दहन कार्यक्रम नही हुआ। स्थानीय नागरिकों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक दूसरे को पर्व की बधाई दी, और जीवन में अच्छे विचारों को आत्मसात करने का संकल्प दोहराया।
जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को जलालपुर के रामलीला मैदान में कोतवाल मनीष कुमार सिंह ने रावण पुतला दहन किया। इसके साथ नगर में विजयदशमी का उल्लास छा गया। रामलीला समिति जलालपुर द्वारा प्रतिवर्ष रावण पुतला दहन किया जाता है। इस बार भी विजय दशमी पर्व के मौके पर कोविड 19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए परंपरा का निर्वहन हुआ। आयोजन को सफल बनाने में रामलीला समिति अध्यक्ष सुरेन्द्र सोनी, सुरेश गुप्त, कृष्णगोपाल कसौधन, बेचन पाण्डेय, भाजपा नगर अध्यक्ष संजीव मिश्र आदि ने विशेष योगदान किया। टांडा, आलापुर, भीटी, महरुआ, कटेहरी, मालीपुर, केदारनगर आदि क्षेत्रों में विजयदशमी का पर्व पूरी आस्था व श्रद्धा के साथ मना। अधिकांश क्षेत्रों में इस बार नागरिकों ने रावण पुतला दहन का आयोजन नहीं किया। नागरिकों ने कहा कि विजयदशमी का पर्व हमें कई सीख देता है। हमें बुराई के प्रतीक रावण का पुतला दहन करने के बजाए अपने अंदर व्याप्त बुराईयों को भी खत्म करना चाहिए। जीवन व समाज में बदलाव तभी सुनिश्चित होगा जब व्यक्ति अपने अंदर की बुराई पर विजय पाए। विजयदशमी का पर्व हमें इसी कार्य के लिए प्रेरित करता है।