अंबेडकरनगर के लालमनपुर गांव में चल रही कथा में मौजूद श्रोता
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आलापुर/राजेसुल्तानपुर। गुरु वह है, जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैला दे। गुरु अपने शिष्य को केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि अपनी कृपा छांव से उसके समस्त पापों का हरण भी कर लेता है। यह विचार थाना क्षेत्र के बौराव में मंगलवार को शुरू हुए अमर कथा एवं ज्ञान यज्ञ के पहले दिन श्रोताओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराते हुए पंडित आशुतोषाचार्य ने प्रकट किया। कथावाचक ने कहा कि जीवन में गुरु का महत्व बेहद अहम है। गुरु ही वह मागदर्शक होता है, जो अपने शिष्य को सही व गलत में अंतर करना सिखाता है।
कथावाचक ने कहा भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्यों व देवताओं को धर्म का आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने भागवत के महत्व को बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत में जीवन का सार तत्व मौजूद है। आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण की। जिस मनुष्य का चित्त स्थित नहीं होता, वे अपनी इच्छाओं के पूर्ति में अपना सर्वस्व गवां बैठता है। न तो उसे जीवन में प्रभु का स्मरण हो पाता है और न ही सद्कर्मों में उसकी कोई भागीदारी।
कहा कि श्रीमद्भागवत कथा प्रेतयोनि से मुक्ति दिलाने वाली है। धुंधकारी को उसके बुरे कर्मों के चलते प्रेतयोनि में पीड़ा सहनी पड़ी, लेकिन गोकरण महाराज ने पाप नाशिनी व मोक्षदायिनी श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से उसे उस पीड़ा से मुक्ति दिला दी। राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार लालमनपुर स्थित सिद्धपीठ मां परमेश्वरी धाम में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा कथा के सातवें दिन कथावाचक पंडित सुरेंद्र नाथ शास्त्री ने भगवान श्रीराम के आदर्शों से अवगत कराया। कहा कि जो भगवान राम के आदर्शों पर चलेगा, उसी का उद्धार संभव है।
भगवान राम से समूची मानवता प्रेरणा लेती रहेगी। कहा कि प्रभु राम की परंपरा पर हम सभी को गौरव की अनुभूति होती है। इससे पहले कथा में चल रही यज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। भाजपा अवध प्रांत के क्षेत्रीय मंत्री यमुना प्रसाद चतुर्वेदी ने कथावाचक का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर आयोजन हनुमान दुबे व अन्य लोग मौजूद रहे।