अंबेडकरनगर। आगामी 18 से 20 जनवरी तक आयोजित होने वाला तीन दिवसीय श्रवणधाम महोत्सव श्रवणधाम को पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की तैयारी में है। इस महोत्सव के माध्यम से न केवल पूर्वांचल के एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में इसकी पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से महात्मा श्रवण कुमार की निर्वाण स्थली का तेजी से विकास किया जा रहा है। श्रवण धाम में श्रवण कुमार के समाधि स्थल के साथ-साथ भगवान श्रीराम, शिव और हनुमान जी की विशाल प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। महोत्सव के दौरान, प्रख्यात कलाकारों द्वारा धार्मिक और रामायण आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी, जो आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर देगी। महोत्सव में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा जनकल्याण से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं के बारे में जागरूक करना होगा। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के अनुसार, इस महोत्सव से जनपद की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी
श्रवण धाम क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास और सुंदरीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, तमसा नदी के पुनर्जीवन का कार्य भी प्रगति पर है। रामायण सर्किट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने के नाते, जिला प्रशासन अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को श्रवण धाम में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे यहां एक सुखद अनुभव प्राप्त कर सकें।