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शास्त्रों में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है भगवान भोलेनाथ का अभिषेक

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फोटो-3, अंबेडकरनगर के आलापुर में हवन पूजन कराते यज्ञाचार्य। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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आलापुर। भगवान भोलेनाथ का अभिषेक शास्त्रों में सबसे श्रेष्ठ माना गया है। वेद ही शिव हैं और शिव ही वेद हैं। ये विचार थाना क्षेत्र के वैदिक आश्रम देवभूमि नयागांव में चल रहे रुद्र यज्ञ में कथावाचक श्रीनिवास वेदांती जी ने गुरुवार को व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देवता भी जब समस्याओं से घिरते हैं तो सीधे भगवान भोले की शरण में जाते हैं, इसलिए श्रद्धालुओं को रुद्राभिषेक करना चाहिए।
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गौरतलब है कि क्षेत्र के वैदिक आश्रम देवभूमि नयागांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के उपरांत बुधवार से रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ हुआ है। इसी क्रम में गुरुवार को यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर यज्ञ में भाग लिया। पंडित सत्यम त्रिपाठी व पंडित रमेश शुक्ल द्वारा पढ़े गए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति डाली और समाज व देश के लिए प्रार्थना की। इस दौरान कथावाचक श्रीनिवास वेदांती ने रुद्राभिषेक महत्व के बारे में श्रद्धालुओं को विस्तार से जानकारी दी। कहा कि भगवान भोलेनाथ का अभिषेक शास्त्रों में सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
शास्त्रों में उल्लेख है कि (वेद: शिवो शिवो वेद:) अर्थात वेद ही शिव हैं और शिव ही वेद हैं। भगवान शिव कल्याण के देवता माने गए हैं जो सबका समान रूप से कल्याण करते हैं। कहा कि देवता भी परेशान होकर भगवान शिव की शरण में जाते हैं। भगवान शिव का विभिन्न द्रव्यों द्वारा रुद्राभिषेक किया जाता है। आचार्य आशुतोष शुक्ल ने कहा कि भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना बेहद फलदायी है। विभिन्न द्रव्यों से किया गया रुद्राभिषेक भिन्न फल प्रदान करते हैं। इस मौके पर आलोक, विशाल, आकाश, सुधांशु, तारकेश्वर यादव आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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