अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ की जनपद इकाई ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए प्रमुख मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
संघ के जिला अध्यक्ष विजयदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 23 वर्षों से कार्यरत स्नातक एवं बीटीसी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को 2017 से अब तक मात्र 10 हजार रुपये प्रतिमाह का मानदेय प्राप्त हो रहा है, जो वर्तमान महंगाई में कम है। शिक्षामित्र संघ ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड व बिहार की तर्ज पर मानदेय में समुचित वृद्धि की मांग की।
इसके अतिरिक्त संघ ने आदर्श आचार संहिता लागू होने से रुकी समिति की प्रक्रिया को पुनः सक्रिय करने की मांग की। जिला अध्यक्ष विजयदीप सिंह ने कहा कि जिन शिक्षा मित्रों को उनके मूल विद्यालय से अलग किया गया है, उन्हें पुनः उसी विद्यालय या संबंधित ग्राम पंचायत के विद्यालय में समायोजित किया जाए।
महिला शिक्षा मित्रों को विवाहोपरांत उनके ससुराल जिले में समायोजन की अनुमति देने की बात भी प्रमुखता से उठाई गई।संघ ने शिक्षा मित्रों को ईपीएफ योजना व आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने, मृतक शिक्षा मित्रों के परिजनों को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सेवा में समायोजित करने की मांग भी रखी।